आधार, पैन कार्ड और पासपोर्ट समेत निर्धारित दस्तावेजों से भी कर सकेंगे पहचान प्रमाणित
अलीगढ़। विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में शुक्रवार, 23 अक्तूबर को मतदान के दौरान मतदाताओं को पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। फर्जी मतदान रोकने और मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने निर्धारित पहचान संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि जिन मतदाताओं के पास फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र है, उन्हें मतदान के समय इसे प्रस्तुत करना होगा। पहचान पत्र नहीं होने पर आयोग की ओर से निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक के जरिए पहचान प्रमाणित की जा सकती है।
इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, निर्धारित सरकारी सेवा पहचान पत्र और सांसद, विधायक एवं पार्षदों को जारी सरकारी पहचान पत्र शामिल हैं। स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता संबंधित शैक्षिक संस्थान का सेवा पहचान पत्र, विश्वविद्यालय की डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र अथवा यूडीआईडी कार्ड भी निर्धारित नियमों के तहत प्रस्तुत कर सकते हैं।
डीएम ने मतदाताओं से अपील की है कि मतदान केंद्र पर पहुंचने से पहले निर्धारित पहचान दस्तावेज साथ रखना सुनिश्चित करें, ताकि सत्यापन में देरी न हो और वे आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।