एमएलसी (शिक्षक) चुनाव में लगातार चार बार के विजेता अलीगढ़ के जगवीर किशोर जैन पांचवीं बार मैदान में हैं। बड़ा सवाल है कि 15 प्रत्याशियों में से कौन जगवीर किशोर जैन को चुनौती देगा।
एमएलसी चुनाव में इस बार वित्त विहीन शिक्षकों को भी वोट डालने का अधिकार मिला है। ये लोग चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कुल 32 हजार मतदाता हैं, जिसमें से 4284 अलीगढ़ में हैं। विधान परिषद सदस्य का कार्यकाल 6 साल का होता है। जानकारों की माने तो पिछले चुनाव में करीब 26 हजार मतदाता थे। सपा समर्थित गुमान सिंह को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े जगवीर किशोर जैन ने करीब तीन हजार मतों से पराजित किया था। पहली बार भाजपा चुनाव मैदान में है। डॉ. दिनेश वशिष्ठ प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। संगठन ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है। हकीकत में चुनाव प्रत्याशी नहीं, पार्टी लड़ रही है। ऐसे में इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है। जनपद में शिक्षक चुनाव के लिए कुल 17 बूथ बनाए गए हैं, जिसमें से 5 शहरी क्षेत्र में है। भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता पूरी ताकत से मतदाताओं को लुभाने में जुटे हुए हैं।
एमएलसी स्नातक चुनाव में भाजपा पहली बार मैदान में है। अलीगढ़ के डॉ. मानवेंद्र सिंह प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
उच्च सदन में बहुमत हासिल करने के लिए भाजपा के लिए एमएलसी (शिक्षक- स्नातक) चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए भाजपा के तमाम दिग्गज चुनाव मैदान में कमान संभाले हैं। निवर्तमान एमएलसी असीम यादव लगातार दूसरी बार मैदान में है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा उनको टक्कर दे पाती है या नहीं। करीब 2.85 लाख स्नातक मतदाता 22 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। अलीगढ़ के 49 हजार से अधिक मतदाताओं की इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका है। पार्टी को भी उम्मीद है कि प्रत्याशी का गृह जनपद होने के कारण सर्वाधिक मतदान यहां होगा। जिले में 74 मतदान केंद्र है, जिसमें से 38 शहर एवं 36 ग्रामीण क्षेत्र में है। सभी बूथों पर पार्टी के तेज-तर्रार कार्यकर्ताओं एवं नेताओं को लगाया गया है। शिक्षक एवं स्नातक चुनाव के प्रभारी प्रत्येंद्र पाल सिंह अलीगढ़ में डेरा जमाए हैं। जिला संयोजक गौरव शर्मा ने बताया कि बस्ता पहुंचाने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
अधिकतर शिक्षक दो जगह करेंगे मतदान
अलीगढ़। कल एमएलसी शिक्षक एवं स्नातक का चुनाव है। अधिकतर शिक्षक स्नातक भी हैं, इसलिए दो स्थान पर मतदान करेंगे। दोनो चुनाव में शिक्षकों की भूमिका को देखते हुए प्रत्याशी एवं उनके कार्यकर्ता शिक्षकों पर डोरे डालने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए इंतजाम भी किया जा रहा है।
भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता लगा रहे दम
अलीगढ़। एमएलसी के शिक्षक-स्नातक प्रत्याशी क्रमश: डॉ. दिनेश वशिष्ठ एवं डॉ. मानवेंद्र सिंह को उच्च सदन में पहुंचाने के लिए भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता दम लगा रहे हैं। जगह-जगह कार्यक्रम कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदाताओं को गोलबंद करने का प्रयास चल रहा है। बस्ता वितरण के बहाने कार्यकर्ता एवं नेता गांव-घर तक पहुंच रहे हैं।
अलीगढ़ मंडल के लिए एमएलसी चुनाव (शिक्षक-स्नातक) बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा के दोनों प्रत्याशी अलीगढ़ मंडल के निवासी हैं। शिक्षक प्रत्याशी डॉ. दिनेश वशिष्ठ एटा के हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह एवं उनके पुत्र राजवीर सिंह राजू भैया का सियासी क्षेत्र एटा ही है। इस दृष्टि से यह भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की सीट है। स्नातक प्रत्याशी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह अलीगढ़ के निवासी है। एचबी इंटर कॉलेज में शिक्षक के रूप में कार्यरत मानवेंद्र एबीवीपी का प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उल्लेखनीय है कि एमएलसी चुनाव क्षेत्र में अलीगढ़, आगरा एवं कानपुर मंडल के कुल 12 जिले शामिल हैं।