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मिशन शक्तिः अभी 12 और मुकदमे होने हैं निस्तारित

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मिशन शक्ति के अतर्गत थाने में महिलाओं की समस्या सुनतीं महिला सिपाही। - फोटो : CITY OFFICE
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मिशन शक्ति अभियान का सबसे पहला उद्देश्य महिला-बालिका अपराध के लंबित मुकदमों का निस्तारण है। इस उद्देश्य के तहत अपने जिले में न्यायालयों में लंबित कुल 13 मुकदमे जिला पुलिस ने सूचीबद्ध किए हैं, जिनमें त्वरित व मजबूत पैरवी के जरिये आरोपियों को सजा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें से एक मुकदमे में न्यायालय स्तर से शुक्रवार को फैसला सुनाया जा चुका है, जबकि 12 मुकदमे अभी शेष हैं। इनमें से कुछ मुकदमों की स्थिति ऐसी है, जिनमें सभी गवाही पूरी हो गई हैं और बहस होना शेष है। कुछ ऐसे मुकदमे हैं, जिनमें गवाह न्यायालय नहीं पहुंच रहे। पुलिस का प्रयास है कि नजदीकी तारीखों पर हर हाल में उनके गवाहों को न्यायालयों में पेश किया जाए। इस काम में मिशन शक्ति अभियान के जिला पुलिस के नोडल अफसर एसपी क्राइम डॉ.अरविंद लगातार जुटे हुए हैं। जिन 13 मुकदमों की सूची बनाई गई है। वह सूची शासन स्तर पर भी भेज दी गई है। साथ ही अभियोजन अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाकर उनके निस्तारण व सजा कराने के प्रयास पर मंथन जारी है।
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- मिशन शक्ति अभियान के तहत न्यायालय में लंबित मुकदमों के निस्तारण पर तेजी से काम हो रहा है। इसके तहत पहले चरण की सूची बनाकर अभियोजन अधिकारियों व शासकीय अधिवक्ताओं के सहयोग से उन मुकदमों को जल्द निस्तारित कराने व आरोपियों को सजा दिलाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
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- मुनिराज जी, एसएसपी
ये हैं जिले के 13 मुकदमे
1-टप्पल का वर्ष 2020 का अपहरण का मुकदमा, जिसमें न्यायालय में 6 नवंबर तारीख नियत है।
2-इगलास का वर्ष 2014 का पॉक्सो-दुष्कर्म का मुकदमा, जिसमें न्यायालय में 29 नवंबर तारीख नियत है।
3-दादों का वर्ष 2016 का दहेज उत्पीड़न का मुकदमा, जिसमें न्यायालय में 28 अक्तूबर तारीख नियत है।
4-गांधीपार्क का वर्ष 2010 का अपहरण-दुष्कर्म का मुकदमा, जिसमें 23 अक्तूबर को सुनवाई नियत थी।
5-गांधीपार्क का वर्ष 2008 का छेड़खानी-मारपीट का मुकदमा, जिसमें 23 अक्तूबर को सुनवाई नियत थी।
6-गांधीपार्क का वर्ष 2014 का अपहरण-पॉक्सो का मुकदमा, जिसमें न्यायालय में 3 नवंबर तारीख नियत है।
7-गांधीपार्क का वर्ष 2014 का दुष्कर्म-पॉक्सो का मुकदमा, जिसमें न्यायालय में 5 नवंबर तारीख नियत है।
8-लोधा का वर्ष 2013 का अपहरण का मुकदमा, जिसमें न्यायालय में 28 अक्तूबर तारीख नियत है।
9-गोंडा का वर्ष 2015 का दुष्कर्म-हत्या-पॉक्सो का मुकदमा, जिसमें न्यायालय में 2 नवंबर तारीख नियत है।
10-बरला का वर्ष 2010 का दुष्कर्म-पॉक्सो का मुकदमा, जिसमें न्यायालय में 25 अक्तूबर तारीख नियत है।
11-देहली गेट का वर्ष 2017 का अपहरण-दुष्कर्म का मुकदमा, जिसमें न्यायालय में 7 नवंबर तारीख नियत है।
12-लोधा का वर्ष 2014 का छेड़खानी का मुकदमा, जिसमें 23 अक्तूबर को न्यायालय ने फैसला सुनाया है।
13-महिला थाने का 2017 का उत्पीड़न व धोखे का मुकदमा, जिसमें न्यायालय में 8 दिसंबर तारीख नियत है।
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