जिले में बिना सड़क हादसों में नाबालिगों की मौत के मामले को देखते हुए अभिभावक अब आगे आने लगे हैं। वे अपने बच्चों को अब दोपहिया की चाबी नहीं लेने दे रहे। संकल्प लिया है कि बच्चों को स्कूल या तो खुद छोड़ेंगे या वाहन से छुड़वाएंगे। हालांकि, इसके बावजूद कुछ नाबालिग चोरी-छिपे वाहनों से फर्राटा भर रहे हैं।
हमारे परिवार की बेटी दोपहिया से स्कूल जाती थी। मगर हमने अब इस विषय में तल्ख निर्णय लिया है। बच्ची को दोपहिया नहीं दे रहे। बच्ची को स्कूल जाने के लिए वाहन की व्यवस्था कर दी गई है। या फिर हम खुद छोडक़र आएंगे।-शैलू प्रधान, एडीए सासनी गेट
हमारे घर में दो बच्चे हैं, जिनमें से एक छोटा है, जबकि दूसरी थोड़ी बड़ी है। वह स्कूल दोपहिया से जाने लगी थी। मगर दुर्घटनाओं के चलते निर्णय लिया गया है कि बच्ची वाहन नहीं ले जाएगी। - खुशी, पला रोड