जिला पुलिस के नोडल अफसर डीजी ईओडब्ल्यू डॉ.आरपी सिंह ने शनिवार देर रात तक चली समीक्षा में पुलिस अफसरों को संदेश दिया कि बिना पुलिस मिलीभगत के कोई सफेदपोश नहीं पनपता। उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर इस तरह के टिप्स देते हुए ऐसे दागियों और ऐसे सफेदपोशों को रडार पर लेने के निर्देश दिए। साथ में सांकरा कांड की चर्चा करते हुए कहा कि शराब का कारोबार करने वाले ऐसे अपराधी भी सियासी और पुलिस के दागियों के संरक्षण में पलते हैं। इस मामले में उसे संरक्षण देने वालों को भी खंगाला जाए। इधर, रविवार सुबह वह जिले में लॉकडाउन का हाल देखते हुए लखनऊ रवाना हो गए।
दो दिवसीय निरीक्षण/समीक्षा के लिए आए डीजी ईओडब्लयू ने देर रात तक पुलिस लाइन में दागियों की छंटनी को लेकर समीक्षा बैठक की। हालांकि, दागी मामले में वह पुलिस रिकार्ड शून्य दर्ज करके ले गए हैं। मगर, यह भी कहकर गए हैं कि ऐसे लोगों की छंटनी जरूर की जाए। उनका कहना है कि उन सफेदपोशों का रिकार्ड चेक कराया जाए, जो कुछ समय पहले तक अपराधी थे और अब सफेदपोश या धनाड्य हो गए। अब राजनीति में आने के लिए प्रयासरत हैं। इस दौरान उन्होंने जिले के ताजा घटनाक्रम सांकरा में शराब बनाने वाले की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर हुए हमले पर भी चर्चा की। अपने अनुभव से बताया कि उससे भी किसी न किसी दागी पुलिस कर्मी के रिश्ते जरूर होंगे। उसे भी तलाशा जाए।
इधर, रविवार सुबह अधिकारियों से औपचारिक मुलाकात के बाद वे लखनऊ रवाना हो गए। इस दौरान शहर में आगरा रोड के रास्ते उन्होंने लॉकडाउन की स्थिति देखी। अब वे अपनी रिपोर्ट डीजीपी को देंगे और डीजीपी के जरिये शासन को दी जाएगी। इस रिपोर्ट के अनुपालन पर जो काम करना होगा। उसके लिए वे फिर वापस आएंगे।