शीतलहर और ठंड से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। गलन भरी सर्दी और कम धूप निकलने से लोग डिप्रेशन की चपेट में आ रहे हैं। पुराने मरीजों की दवा की खुराक में इजाफा हो रहा है। सबसे ज्यादा महिलाएं इससे प्रभावित हैं। उनमें तनाव की स्थिति बढ़ रही है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या में करीब 30 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।
सर्दी का असर लोगों के दिल और दिमाग पर पड़ा है। ठंड से दिल और दिमाग बेचैन हैं। लोग मानसिक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार ओपीडी में सामान्य दिनों के मुकाबले मानसिक तनाव ग्रस्त मरीज 30 फीसदी तक बढ़ गए हैं। सर्दी में सूर्य की रोशनी कम मिलती है। ऐसे में मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर घटने लगते हैं। इसे सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर कहते हैं। वर्तमान में पुराने मरीजों या पहले से ठीक मरीज भी बीमार हो रहे हैं। इसके अलावा नए मरीज भी आ रहे हैं। जिन मरीजों को शुगर, बीपी, सर्वाइकल आदि की समस्या है। उन्हें भी परेशानी हो रही है। क्योंकि इनकी वजह से भी शरीर में चिड़चिड़ापन पैदा होता है।
ठंड में मानसिक तनाव बढ़ता है। खासकर महिलाएं इसकी सबसे ज्यादा शिकार हो रही हैं। महिलाएं ज्यादातर समय घर के अंदर रहती हैं। इसलिए सूर्य की किरणों से दूरी बनी रहती है। तनाव के मरीज में सर्दियों में उदासी आ जाती है। घर में शारीरिक व मानसिक गतिविधियों में हिस्सा लें। कोई परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।-डॉ. अंतरा माथुर, मनोरोग चिकित्सक।
महिलाओं में मानसिक तनाव अधिक
मानसिक तनाव की 75 फीसदी शिकार महिलाएं हैं। चिकित्सकों ने बताया कि घरेलू कामकाज में उन्हें पानी के संपर्क में अधिक रहना होता है। इससे उन्हें अधिक समय तक सर्दी झेलनी पड़ती है। बाकी मरीज दूसरे मानसिक रोगों से ग्रस्त हैं। महिलाओं का ज्यादा समय घरों के अंदर बीतता है। इसलिए सर्दियों में धूप भी ठीक से नहीं ले पाती।
ये करें उपाय
-घर के अंदर शारीरिक व मानसिक गतिविधि करें।
-एक साथ ज्यादा खाना न खाएं।
-हरी पत्तेदार सब्जियां व पौष्टिक आहार लें।
-दवा नियमित रूप से लें, लक्षण न रहने पर भी बिना सलाह दवा न रोकें।
-तनाव मुक्त वातावरण में रहें।
-मरीज के सम्मान और जरूरतों का ध्यान रखें।
ठंड और धुंध का असर ट्रेनों पर भी पड़ रहा है। शनिवार को दिल्ली और लखनऊ जाने वाली गोमती एक्सप्रेस एक-एक घंटे, महाबोधि एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस, टीएडी और बरेली पैसेंजर भी आधा घंटे की देरी से चलीं। शाम को कानपुर की ओर से अधिकांश ट्रेनें एक घंटे की देरी से पहुंची। इससे मुसाफिरों को परेशानी हुई।
ठंड से बसों में कम हो गए यात्री
ठंड और शीतलहर के कारण रात के समय मसूदाबाद और सारसौल बस स्टैंड से बसें देरी से चल रहीं है। बस चालक और परिचालक 20 सवारियों के आने के बाद ही चलते हैं क्योंकि कम मुसाफिर होने पर लोड फैक्टर कम हो जाता है। जिसका उन्हें जवाब देना पड़ता है। ऐसे में दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, हरिद्वार, जयपुर, बरेली, आगरा और मथुरा जाने वाली बसें देरी से चल रहीं हैं।
एएमयू ने छोड़ा मौसम का 11वां गुब्बारा
एएमयू के भूगोल विभाग ने मौसम की जानकारी देने वाले 11वें गुब्बारे को आसमान में छोड़ा। यह 24.2 किमी की ऊंचाई तक गया। इस गुब्बारे ने वातावरण के तापमान, आद्रर्ता और अन्य जानकारी दी है। यह गुब्बारा अलीगढ़ से उड़कर शाहजहांपुर में गिर गया। अभी इससे मिले डाटा का अध्ययन किया जा रहा है। इस दौरान विभाग प्रो. अतीक अहमद और अन्य शिक्षक गण मौजूद रहे।