एएमयू में हुए बवाल के दौरान मेहताब व मो.वाकिफ की हत्या के 13 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने अदालत से गैरजमानती वारंट ले लिए हैं। साथ ही उनके घरों पर नोटिस चस्पा करने के लिए टीमों को रवाना कर दिया गया है। जिन आरोपियों के गैरजमानती वारंट लिए गए हैं, उनमें नामजदों के अलावा कुछ ऐसे नाम भी हैं, जो सीसीटीवी के आधार पर प्रकाश में आए हैं। इसके अलावा पुलिस की टीमें गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
23 अप्रैल की रात प्रॉक्टर कार्यालय पर फायरिंग में मेहताब व वाकिफ की हत्या के मुकदमे में हस्सान निवासी बलिया, जफर निवासी बिहार, अफ्फान निवासी अलीगढ़, सुएब निवासी संभल, ओसामा निवासी अलीगढ़, मोहसिन निवासी संभल मुरादाबाद, अजहर अमानी निवासी संभल व सादिक निवासी जमलापुर को नामजद किया गया था। इन सभी के अलावा चार नाम पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर प्रकाश में लिए हैं।
इस तरह 13 आरोपियों के खिलाफ एसआईटी ने अदालत से गैरजमानती वारंट प्राप्त कर लिए हैं। इन वारंटों के आधार पर उनके मूल पतों पर पुलिस की टीमें नोटिस चस्पा कराने के लिए रवाना कर दी गई हैं। सीओ तृतीय राजीव सिंह के अनुसार कुछ आरोपी एसआईटी की गिरफ्तारी टीम के रडार पर आ गए हैं। इसके लिए टीमें अपने जिले के साथ-साथ गैरजनपदों में भी लगातार दबिश दे रही हैं।
उम्मीद है कि एक-दो दिन में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगेगी।
गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की ली जा रही मदद
इस बवाल के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी के साथ-साथ एसटीएफ की मदद भी ली जा रही है। इसके लिए बाकायदा आगरा यूनिट के कुछ ऐसे दरोगा व सिपाही अलीगढ़ पुलिस की मदद में आ गए हैं, जो पूर्व में या तो यहां तैनात रह चुके हैं या फिर एएमयू से उनका पुराना नाता है। इसके लिए एसटीएफ यूनिट सर्विलांस व अपनी पूर्वांचल की यूनिट की मदद से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हाथ पैर मार रही है।