जिलाधिकारी व जिला स्तरीय रैंगिंग समिति के अध्यक्ष विशाख जी ने अमर उजाला को बताया कि समिति में नामित सदस्य भी होते हैं और शासकीय सदस्य भी। सभी शैक्षिक संस्थाओं, विश्वविद्यालयों से छात्रों के प्रतिनिधियों का विकल्प लेकर समिति में छात्रों के प्रतिनिधियों को नामित किया जाएगा। विशेषाधिकार में हम अन्य अधिकारियों को नामित कर सकते हैं। छात्रों से संबंधित किसी समिति में अगर शिक्षा से जुड़े अधिकारी जैसे क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी नामित हो जाए तो कोई बात नहीं है। अगर समिति से जुड़ा कोई और मामला है, तो मुझसे मिल सकते हैं, हम उस पर विचार करेंगे।
छात्र हितों की लड़ाई सदैव छात्र नेताओं ने लड़ी है। समिति का गठन आसंवैधानिक है। छात्रों के हित अहित और सशक्तिकरण के लिए एंटी रैगिंग समिति में छात्र प्रतिनिधियों और देश के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार जगत के बंधुओं का नाम न होना छात्र विरोधी मंशा को साफ जाहिर करता है।-आकाश मसीह, जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई, अलीगढ़
यूजीसी ने रैगिंग को रोकथाम को पारदर्शी तरीके से खत्म करने के लिए मीडिया और छात्र प्रतिनिधियों को भी इस समिति का सदस्य बनाने को कहा, लेकिन अलीगढ़ प्रशासन ने इन दो महत्त्वपूर्ण कड़ियों को रैगिंग दंडनीय अपराध को रोकने के लिए समिति में शामिल नहीं किया है। उन्हें शामिल करना चाहिए।- अंकुर शर्मा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, एबीवीपी
जिला स्तरीय समिति में छात्र व मीडिया प्रतिनिधि को दूर रखा गया है। रैगिंग से परेशान छात्रों को निजात दिलाने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा समिति गठन करना सराहनीय कदम है। यूजीसी द्वारा जारी पत्र के अनुसार की इस समिति को गठन किया जाना चाहिए।-शैलेंद्र प्रजापति, महानगर मंत्री, एबीवीपी
जिन लोगों को जिला स्तरीय एंटी रैंगिंग कमेटी में रखा जाना चाहिए उनके स्थान पर दूसरे लोगों को रखा गया है। जिला प्रशासन ने अपने मनमाने तरीके से एंटी रैंगिंग कमेटी बनाई है। ऐसे लोग जिनका स्नातक शिक्षा और विद्यार्थियों से कोई संबंध नहीं है, फिर भी कमेटी में है। देश का चौथे स्तम्भ मीडिया को भी मिति से दरकिनार कर दिया। जिलाधिकारी कमेटी में उन्हीं लोगों को रखें, जो यूजीसी द्वारा निर्देशों में इंगित हैं। अन्यथा छात्र जिला प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ विरोध दर्ज कर शिकायत करेंगे।-बल्देव चौधरी, पूर्व प्रदेश मंत्री, एबीवीपी
जिला प्रशासन द्वारा एंटी रैंगिग समिति में छात्र प्रतिनिधि व मीडिया के लोगों को न रखने का निर्णय दुर्भाग्य पूर्ण है। जिला प्रशासन को समझना चाहिए कि ऐंटी रैगिंग कमेटी विद्यार्थियों के लिए है, तो उनके प्रतिनिधि के रूप में छात्र को शामिल करें। जिला प्रशासन अपनी मनमर्जी करेगा तो छात्र एक जुट होकर इसकी शिकायत शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार से करेंगे।-जय यादव ,छात्र नेता