महिलाओं ने हंगामा किया तो चालक बस लेकर पहुंचा थाने
फैक्टरी में स्टाफ को लाने व ले जाने के लिए दो बसें लगी हैं। रात में घटना के बाद महिला कर्मचारियों ने बस चालक से बस को थाने ले जाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। इस पर महिलाओं ने हंगामा कर दिया, जिसके बाद चालक बस में कर्मचारियों को बैठाकर थाने पहुंचा।
कम वेतन को लेकर भी जताई नाराजगी
थाने में हंगामा कर रहीं महिला कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें फैक्टरी में वेतन देने में भी भेदभाव किया जाता है। पुरुष कर्मचारियों को 14 हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जाता है तो महिलाओं को केवल 10 हजार रुपये ही देते हैं। इस संबंध में कई बार फैक्टरी मालिक से कहा, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई।
शुक्रवार के फैक्टरी में रहा सन्नाटा, पुलिसकर्मी लौटा दिए
बृहस्पतिवार की रात को थाने में हंगामे के बाद शुक्रवार को मीट फैक्टरी में सन्नाटा रहा। फैक्टरी में जाने वाले वालों को लौटा दिया गया। गार्ड ने लोगों से कहा कि फैक्टरी बंद है। इस दौरान जब पुलिसकर्मी भी पहुंचे तो उन्हें भी वहां से लौटा दिया गया। बताया जाता है कि फैक्टरी में करीब 500 कर्मचारी हैं, जिसमें करीब 150 महिलाएं हैं।
बेल्ट और डंडों से पीटने का लगाया आरोप
हंगामे के दौरान एक कर्मचारी ने पुलिस को तहरीर दी, जिसमें उसने कहा कि फैक्टरी की महिला कर्मचारियों से छेड़खानी की जा रही है। उनसे रोकने का प्रयास किया तो उसे बेल्ट और डंडों से पीटा गया। उसने बताया कि इस तरह की घटनाएं आए दिन होती हैं।