25 जनवरी दोपहर में परिजन भी आ गए। हालांकि, शुरुआत में कॉलेज की ओर से पुलिस को सूचना नहीं दी गई। मौत होने के बाद मेडिकल कॉलेज की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। जिस पर सिविल लाइंस व क्वार्सी पुलिस मौके पर पहुंच गईं। कॉलेज थाना क्वार्सी क्षेत्र में आता है, यहां की पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए पंचायतनामा आदि की औपचारिकताएं पूरी कीं। लेकिन परिवार ने कोई कार्रवाई न चाहने की बात कही तो बिना पोस्टमार्टम कराए शव परिवार को सौंप दिया।
अलबरकात कॉलेज की एमबीए अंतिम वर्ष की छात्रा ने हॉस्टल में आत्महत्या की है। छात्रा के परिवार की ओर से उसकी मानसिक बीमारी का हवाला देकर कार्रवाई या पोस्टमार्टम न चाहने की बात लिखित में दी गई। इसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। बाकी पहलुओं को भी देखा जा रहा है। - अभय पांडेय, सीओ तृतीय
यह छात्रा हॉस्टल में रहती थी। मानसिक रूप से बीमार होने के चलते उसने आत्महत्या की है। यह बात परिवार ने भी स्वीकारी है। - प्रो.जावेद अख्तर, निदेशक, अलबरकात मैनेजमेंट स्टडीज
पुलिस के अनुसार परिवार की ओर से पुलिस को लिखकर दिया है कि छात्रा डिप्रेशन की शिकार थी और उसका काफी समय से लखनऊ के चिकित्सक का उपचार चल रहा था। चूंकि वह अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। परीक्षा का समय भी नजदीक था। इसलिए उसे हॉस्टल में रखने की मजबूरी थी। उसकी ममेरी बहन भी साथ रहती थी। अन्यथा उसे घर ही रखने का इरादा था। अब बेटी ने जान दे दी। इसके बाद कुछ नहीं कहना चाहते।