ये पुराने व पदाधिकारी भाजपाई भी चुनाव हारे
इस चुनाव में पुराने पार्षद के तौर पर बात करें तो लगातार चार बार के पार्षद अफजाल हमीद को हराकर पुष्पेंद्र सिंह जादौन भाजपा से जीते हैं। बता दें कि पुष्पेंद्र इस बार वार्ड बदलकर यहां 49 में पहुंचे थे। यह खुद सांसद सतीश गौतम व प्रदेश के शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास क्षेत्र वाला वार्ड है। यहां अफजाल चार बार से सपा से पार्षद थे। अबकी बसपा से उन्होंने चुनाव लड़ा था। मगर हार गए। वहीं निर्वतमान पार्षद सुरेंद्र पचौरी को बागी दिनेश ने आईटीआई रोड वार्ड से हराया है। इसी तरह भाजपा के महानगर मंत्री संजू बजाज की पत्नी को हार का सामना करना पड़ा है। इसी तरह भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला पदाधिकारी राकेश सहाय को भी हार का सामना करना पड़ा है।
ये सबसे कम उम्र के पार्षद
इस चुनाव में उस्मानपाड़ा के वार्ड से 24 वर्षीय अब्दुल मुत्तबिल सपा से, नगला पला से 23 वर्षीय रश्मी माहौर भाजपा से, पक्की सराय से 24 वर्षीय करन माहौर भाजपा से चुनाव जीते हैं।
सुमित सराफ ने किया पार्षदों का स्वागत, मेयर को दी बधाई
इस जीत पर भाजपा में टिकट के प्रमुख दावेदार रहे युवा उद्यमी सुमित सराफ व उनके साथी संजय माहेश्वरी आदि ने पक्की सराय वार्ड के प्रत्याशी करन माहौर व सराय हरनारायन वार्ड के प्रत्याशी आजाद सिंह का भाजपा के टिकट पर जीतने पर भव्य स्वागत किया। इन दोनों को जिताने में सुमित सराफ व संजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साथ में उन्होंने नए मेयर को भी बधाई दी है।
इस चुनाव को हम पिछले दो वर्ष से रणनीति के तहत लडऩे की तैयारी कर रहे थे। उसी रणनीति के तहत विधायकों के स्तर से शहर के सीमा विस्तार का प्रस्ताव लाया गया। साथ में संगठन स्तर से चुनाव के समय में महत्वपूर्ण भूमिका तैयार की गई। जिताऊ व मजबूत प्रत्याशी तय किया गया। सबसे बड़ा लाभ सीमा विस्तार वाले क्षेत्र का मिला, जहां 90 फीसदी मतदान शहर की सरकार के लिए हुआ और उसमें से 70 फीसद हमें मिला। उसी का परिणाम है कि हम मेयर के साथ-साथ 45 वार्ड जीते हैं। इसके लिए पूरा संगठन व एक एक कार्यकर्ता बधाई का पात्र है।-सुनील पांडेय, नगर निगम चुनाव प्रभारी भाजपा