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माया के आवास के सामने परिवार संग आत्महत्या कर लूंगा

Sat, 10 Sep 2016 02:30 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
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माया के आवास के सामने परिवार संग आत्महत्या कर लूंगा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खैर विधानसभा से बसपा के पूर्व प्रत्याशी अरुण फौजी ने कहा है कि बसपा में उन्हें एक करोड़ रुपये में टिकट मिला था। 22 मई 2015 को बसपा ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया और 23 अगस्त 2016 में टिकट काट दिया।
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टिकट काटने के दिन उन्हें 50 लाख रुपये वापस कर दिए गए लेकिन बाकी के 50 लाख रुपये आज तक नहीं मिले हैं। अब अगर मंगलवार तक उनको बकाया 50 लाख रुपये का भुगतान नहीं हुआ तो वह अपनी पत्नी और बच्चाें के साथ बसपा सुप्रीमो मायावती के लखनऊ स्थित आवास के सामने सामूहिक आत्महत्या करने को बाध्य होंगे, क्योंकि कर्ज में डूब जाने के बाद अब उनके पास कोई और रास्ता नहीं बचा है। फौजी ने यहां तक कहा कि बसपा सुप्रीमो पांव छूने वालों से भी दो लाख रुपये लेती हैं।
शुक्रवार को एक स्थानीय होटल में पत्रकार वार्ता में फौजी ने कहा है कि 15 साल से वह बसपा के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं, सेक्टर अध्यक्ष भी रहे। दो साल तक कड़ी मेहनत करने के बाद उनको खैर सुरक्षित विधानसभा से पहली बार टिकट मिली। टिकट के लिए उन्होंने अपने दोस्तों, ससुराल, पिता और बहनोई से बड़ा कर्ज लिया।
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घर के गहने भी गिरवी रखे। ब्याज पर भी पैसा उधार लिया। अब टिकट कटने के बाद वह परेशान हैं और अपना कर्ज उतारना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा डा. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के आदर्शों से भटक गई है।
जो बढ़ कर पैसा देता है उसको टिकट मिल जाती है। क्षेत्र में उनकी बढ़ती लोकप्रियता से परेशान होकर बसपा के स्थानीय नेताओं ने बसपा सुप्रीमो मायावती को उनकी गलत रिपोर्ट देकर उनकी टिकट कटवा दी। फौजी बोले.. मेरी मां की मृत्यु हो गई। न मैं इलाज करा पाया न ही त्रयोदशी संस्कार कर पाया।
मेरा कोई पक्ष सुने बगैर ही मेरा टिकट काट दिया गया। उन्होंने कहा कि उनकी जगह जिसको पार्टी में टिकट देने की चर्चा है वह पहले से एक मामले में वांछित है, जिनको कभी भी सजा हो सकती है। अंत में फौजी ने ये भी ऐलान किया कि वो खैर से ही चुनाव लड़ेंगे। 
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