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...तो एएमयू पर हो सकती है अवमानना की कार्यवाही

सार

मगर पुलिस लगातार इसे लेकर पिछले कुछ माह से सवाल खड़े कर रही है। जिसमें दर्ज की गईं सभी 47 एफआईआर, 10 में अंतिम रिपोर्ट, दो मुकदमों के मर्ज किए जाने, पुलिस को सुरक्षा संबंधी 19 सुझाव दिए जाने और हाईकोर्ट के आदेश पर समन्वय के विषय में एएमयू स्तर से क्या कदम उठाए जाने को दिए गए पत्र, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, तीन छात्रों को मुआवजे का उल्लेख किया। साथ में छात्रों से समन्वय करने की सलाह दी है।इस तरह पुलिस ने दिए थे 19 सुझावएएमयू में बाहरियों के प्रवेश पर रोक, छात्रों को आईकार्ड, बाहरी के आने पर ब्योरा लिखना, सीसीटीवी, आपराधिक लोगों का ब्योरा पुलिस को देना, आपराधिक घटनाओं का ब्योरा पुलिस को देना, छात्रों पर आपराधिक कार्रवाई का ब्योरा पुलिस का देना आदि सुझाव दिए गए थे।
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विस्तार
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हाईकोर्ट द्वारा छात्रों व पूर्व छात्रों की ओर से दायर याचिका पर फरवरी 2020 में ही पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, घायल छात्रों को मुआवजे के निर्देश दिए थे। साथ ही, एएमयू को भी छात्रों से समन्वय व कैंपस में सुरक्षा आदि के इंतजाम के निर्देश दिए। उसके जवाब में पुलिस ने पांच दिन मेहनत कर 10 हजार पेज का जवाब तैयार किया। हालांकि, एएमयू की ओर से भी सुरक्षा इंतजाम व छात्रों से समन्वय का दावा किया गया है। मगर पुलिस लगातार इसे लेकर पिछले कुछ माह से सवाल खड़े कर रही है। ऐसे में अगर सुरक्षा इंतजामों को धता बताकर कैंपस में कोई घटनाक्रम हुआ तो यह एएमयू इंतजामिया की गर्दन पर अवमानना का विषय बन सकता है।
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इस प्रकरण में हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने पांच दिन तक लगातार मेहनत कर 10 हजार पेज का जवाब तैयार किया। जिसमें दर्ज की गईं सभी 47 एफआईआर, 10 में अंतिम रिपोर्ट, दो मुकदमों के मर्ज किए जाने, पुलिस को सुरक्षा संबंधी 19 सुझाव दिए जाने और हाईकोर्ट के आदेश पर समन्वय के विषय में एएमयू स्तर से क्या कदम उठाए जाने को दिए गए पत्र, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, तीन छात्रों को मुआवजे का उल्लेख किया। साथ में यह भी बताया कि तीन छात्रों ने बार-बार पत्राचार के बाद भी मुआवजा लेने से इंकार कर दिया। यह भी बताया कि पिछले कुछ माह से लगातार आपराधिक वारदात हो रही हैं, जिस पर एएमयू को कैंपस में अपराधियों के प्रवेश पर आगाह किया गया। इस जवाब को हाईकोर्ट ने बड़ा आधार माना है।
एएमयू के डिप्टी प्रॉक्टर डॉ. सैय्यद नवाज अली जैदी का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश पर एएमयू द्वारा सुरक्षा संबंधी इंतजाम किए गए हैं। लगातार सुधार किया गया है। रहा सवाल हाईकोर्ट में जवाब का तो यह लीगल सेल से पूछा जाएगा और आज के आदेश के मिलने पर ही कोई टिप्पणी की जा सकेगी। एएमयू के इस जवाब पर एक ही सवाल खड़ा हो रहा है कि 2020 में आए इस आदेश के बाद भी आपराधिक घटनाएं और बाहरियों का प्रवेश का मुद्दा खड़ा होता है। ऐसे में एएमयू को फिर से इस नसीहत के बाद कहीं अवमानना न झेलनी पड़े।
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- इस मामले में शासनादेश व हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में अब तक काम किया गया है और आगे भी उसी अनुसार काम किया जाएगा।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
अमर उजाला की खबर पर हाईकोर्ट ने लगाई मुहर
एएमयू में 15 दिसंबर की रात हुए बवाल के बाद अमर उजाला ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। जिसमें कहा गया था कि इस बवाल में बाहरियों के शामिल होने का अंदेशा है। अब हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने पर यह बात खुद हाईकोर्ट ने मानी है और अमर उजाला की इस खबर पर मोहर लगाई है कि इस बवाल में बाहरियों का हाथ रहा। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने एएमयू में बाहरियों के प्रवेश व प्रभाव को रोकने की पुरजोर नसीहत दी है। साथ में छात्रों से समन्वय करने की सलाह दी है।
इस तरह पुलिस ने दिए थे 19 सुझाव
एएमयू में बाहरियों के प्रवेश पर रोक, छात्रों को आईकार्ड, बाहरी के आने पर ब्योरा लिखना, सीसीटीवी, आपराधिक लोगों का ब्योरा पुलिस को देना, आपराधिक घटनाओं का ब्योरा पुलिस को देना, छात्रों पर आपराधिक कार्रवाई का ब्योरा पुलिस का देना आदि सुझाव दिए गए थे।
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