महाशिवरात्रि का पर्व मॉरीशस में भी बेहद धूमधाम से मनाया जाता है और श्रद्धालु कांवड़ भरकर एक खास स्थान पर जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जन संचार विभाग में शोध कर रहीं मॉरीशस की बीबी हस्सेनाथ हीथी बताती हैं कि मॉरीशस में गंगा तालाब नाम की जगह जो कि ग्रांड बेसिन में है, वहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर जाते हैं। बीबी हस्सेनाथ हीथी एएमयू में ‘भारतीय और मॉरीशस की पत्रिकाओं के विज्ञापनों में सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व’ विषय पर पिछले दो वर्षों से शोध कर रही हैं।
जन संचार विभाग के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. कृष्ण गोपाल साहू के निर्देशन में शोध कर रहीं बीबी हस्सेनाथ हीथी कहती हैं कि रेड वाल्कन नाम की जगह पर ग्रांड बेसिन स्थित है। यहीं पर श्रद्धालुओं का मेला जुटता है। शिव रात्रि के अलावा वहां पर प्रमुख रूप से दीपावली, ईद उल फितर और होली भी उत्साह से मनाई जाती है, लेकिन होली पर सड़कों पर उस तरह रंग देखने को नहीं मिलते हैं जैसा भारत में देखा जाता है। बीबी हस्सेनाथ ने अब तक अपने शोध में पाया है कि दोनों देशों की पत्रिकाओं के विज्ञापनों में सांस्कृतिक मूल्यों के प्रतिनिधित्व में बहुत ही समानता है। क्योंकि मॉरीशस में अधिकांश आबादी भारतीय मूल से ही है। खुद उनके पूर्वज 150 वर्ष पहले भारत से ही मॉरीशस गन्ने के खेतों में मजदूरी के लिए पहुंचे थे। अब उनका परिवार वहीं पर रहता है। उनके पिता शेख रफीउद्दीन मॉरीशस के परिवहन विभाग में हैं तो मां गृहणी हैं।
फिल्मी सितारों के फेस्टिवल विज्ञापन पसंद किए जाते हैं
मॉरीशस की छात्रा बीबी हस्सेनाथ हीथी कहती हैं कि भारतीय पत्रिकाओं में और मारीशस की पत्रिकाओं में त्योहारों के अवसर पर भारतीय फिल्मी सितारों के विज्ञापनों को बहुत ही पसंद किया जाता है। यही वजह है कि कंपनियां भी मॉरीशस की पत्रिकाओं में उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापनों के लिए भारतीय फिल्मी सितारों को पहली प्राथमिकता देती हैं।