विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता देवेश उपाध्याय ने कहा कि दादरी का इकलाख प्रकरण दबाने के लिए मथुरा कांड को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है।
उपाध्याय ने सोमवार को रामघाट रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इकलाख के घर से गोमांस बरामद होने की रिपोर्ट से उत्तर प्रदेश सरकार ही नहीं बल्कि देश के समस्त सेक्युलर माफिया की कलई खुल गई है। विसाहड़ा का हिंदू चीख-चीख कर कह रहा था कि इकलाख ने चुनौती देकर ही गौ हत्या की थी, परंतु उनकी आवाज दबा दी गई।
असहिष्णुता का आरोप लगाकर हिंदू समाज को बदनाम किया गया। रिपोर्ट उजागर होने के बाद फिल्मस्टार शाहरुख खान एवं आमिर खान समेत असहिष्णुता का आरोप लगाकर अवार्ड वापस करने वाले गिरोह के लोग चुप्पी साध लिए हैं। उपाध्याय ने कहा कि अखिलेश का कार्य माफी मांगने लायक नहीं है। उन्होंने दादरी के हिंदुओं पर झूठा केस बनाकर जेल में डाला है। उन्होंने इकलाख के परिजनों पर गौ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मुआवजा वापस लेने तथा ग्रामीणों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की।
यह भी चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं की गई तो विसाहड़ा में हिंदू सम्मेलन करेंगे और इसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कद्दावर मंत्री का मथुरा कांड में हाथ है। यह भी कहा कि अखिलेश सरकार गौ हत्या करने वाले को 45 लाख एवं शहीदों को सिर्फ 50 लाख मुआवजा दे रही है। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ मोहन, महानगर मंत्री तेज प्रकाश शर्मा आदि मौजूद थेे।