अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए सभी परियोजनाओं व निर्माण कार्य में जनप्रतिनिधियों और जनसामान्य के सुझावों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय किया है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2031 के मास्टर प्लान से पहले सभी जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवियों व सामान्य नागरिकों के सुझाव मांगे गए हैं। जिनको शामिल करने के बाद ही संबंधित एजेंसी से अलीगढ़ का मास्टर प्लान बनवाया जाएगा। इस संबंध में 27 नवंबर को आवश्यक बैठक बुलाई गई है।
उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि पूर्व में अलीगढ़ विकास प्राधिकरण में मास्टर प्लान बनाने के बाद जनसुझावों को शामिल करने की व्यवस्था थी, लेकिन अब इसको बदला जा रहा है। शहरवासियों के सुझावों को जानने के लिए 27 नवंबर को नगर निगम जवाहर भवन में एक दिवसीय कार्यशाला होगी। जिसका उद्देश्य शहर के विकास का खाका खींचना है। इसमें जनहित के सुझावों पर गहनता से विचार-विमर्श होगा। इसमें जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। शहरवासी अलीगढ़ में कैसा विकास चाहते है..? हमें बतायें, ताकि उसे साकार रूप दिया जा सके।