शादी समारोह के आयोजन से पूर्व अब जिला प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य नहीं होगा। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने अनुमति लेने की व्यवस्था को बृहस्पतिवार को समाप्त कर दिया है। हालांकि, शादी समारोह में 100 मेहमानों को ही शामिल करने का नियम लागू रहेगा।
जिलाधिकारी ने साफ किया कि शादी समारोह के लिए अब किसी को प्रशासनिक अनुमति लेनी की जरूरत नहीं है। अनुमति के नियम को छोड़कर बाकी के अन्य कोविड नियम पहले की तरह की लागू रहेंगे। मजिस्ट्रेट अपने-अपने इलाके में मैरिज होम्स, लॉज में आयोजित समारोह पर निगाह रखेंगे और कोविड नियमों का पालन कराएंगे।
डीएम ने बताया कि शादी/सामाजिक समारोह में मैरिज होम/होटलों द्वारा कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। समस्त थानावार मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी/ पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्रों में हो रहे शादी/सामाजिक समारोहों में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन कराने हेतु लोगों को प्रेरित करेें। पुलिस अनावश्यक रूप से किसी को परेशान न करेें।
शादी में नोएडा-दिल्ली से आने वाले रिश्तेदारों की कोरोना जांच जरूरी
शादी समारोह के आयोजनों को लेकर डीएम ने निर्देश दिए कि आयोजक यह ध्यान रखें कि अगर उनके यहां कोई रिश्तेदार दिल्ली-नोएडा से आ रहा है तो उसकी कोरोना जांच कराना सुनिश्चित कर लें। वैसे तो प्रशासन बार्डर पर ही जांच करा रहा है। इसके बाद भी अगर कोई बार्डर पर चेकिंग के दौरान जांच कराने से बच जाता है तो यह आयोजक की जिम्मेदारी है कि उसकी कोरोना जांच कराएं। साथ ही डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि जांच टीमों का गठन किया जाए। स्वास्थ्य टीमें शादी समारोह में औचक जांच को पहुंचे। सभी क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट को भी सतर्क करते हुए कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले शादी समारोह पर निगाह रखें।