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शादियों का कारोबार.. कहीं सुस्त कहीं पूरी रफ्तार

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पैठ में खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़। - फोटो : CITY OFFICE
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कोरोना महामारी के नये दिशा निर्देशों में शादी समारोह में 100 मेहमान ही मान्य होने की शर्त मुसीबत बन गई है। इस बड़ी और अहम पाबंदी के चलते मैरिज होम, बैंड वालों एवं डीजे की बुकिंग धड़ाधड़ रद्द हो रही हैं। जिन घरों की शादियों में किसी भी सूरत में 100 मेहमानों की शर्त पूरी नहीं हो रही है, उन्होंने अपना प्रोग्राम फिलहाल स्थगित कर लिया है, ताकि जब 200 से अधिक की अनुमति मिले तो वह समारोह कर सकें और सभी खास मेहमानों को बुला सके।
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इस अफरातफरी के माहौल में मैरिज होम, बैंड बाजा और डीजे कारोबारियों का काम प्रभावित हो रहा है। उनकी पहले से हुई कई बुकिंग अब इन पाबंदियों के चलते स्थगित या रद हो रही है। इन कारोबारियों ने कहा कि अगर यही सूरत-ए-हाल रहा तो कमाई एक तिहाई रह जाएगी और खर्च पूरे करना संभव नहीं लग रहा है। वहीं कपड़ा, रेडीमेड, साड़ी, सलवार सूट, कास्मेटिक, फुटवियर, सराफा, सजावट के काम से जुड़े दुकानदार भीड़ से उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है सीजन में बेहतर काम होगा। इस सबके बीच बुधवार से देवोत्थान एकादशी से शहनाई गूंजने लगेंगी। मंगलवार को साप्ताहिक बंदी के बावजूद अधिकांश बाजार खुले रहे। बाजारों में भीड़ के कारण जाम भी रहा। इस भीड़ में कहीं भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं दिखाई दिया।
गेस्ट हाउस संचालक और बैंड वाले परेशान
अलीगढ़। शादी समारोह में 100 लोगों की पाबंदी के चलते पहले से न्योता दे चुके लोग परेशान हैं। अब वह मेहमानों को मना नहीं कर पा रहे हैं। अधिकांश घरों में इसको लेकर रास्ता निकाला जा रहा है। जिससे घर की इज्जत भी बच जाए और कोई नई उलझन पैदा न हो। वहीं लोगों में इस पाबंदी को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। अधिकांश लोगों ने कहा कि जब बाजारों में कहीं सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है तो उनके घरों और शादियों में ये पाबंदी क्यों लग रही है। गेस्ट हाउस संचालक, बैंड बाजा, डीजे वाले इससे ज्यादा परेशान हैं क्योंकि उनकी बुकिंग रद हो रही है।
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इस माह चार शादियां थी। मेहमानों की बंदिश के चलते दो रद् हो गई। एडवांस वापस करना पड़ा। कमाई की बात करें तो पिछले साल की तुलना में मात्र एक तिहाई आमदनी है। ऐसे में मैरिज होम का खर्च भी पूरा करना संभव नहीं हो रहा है।
साजिद काजमी, मैनेजर फुलवारी मैरिज हाल।
हर साल नवंबर माह में 15 से 20 शादियों की बुकिंग होती थी। इस बार चार शादियों की बुकिंग हुई है, उनमें भी दो रद्द हो गई हैं। जनवरी व फरवरी में भी नाममात्र की बुकिंग हैं। बंदिशें जारी रहीं तो पता नहीं क्या होगा।
आतिफ कमाल खान, मैनेजर हबीब गार्डन मैरिज हाल
इस माह 20 बुकिंग थी। रोजाना एक दो कैंसल हो रही हैं। पहले 4 से 6, 6 से 8 और रात में 9 से 11 बजे की तीन शिफ्ट आराम से होती थी। अब पांच से सात और आठ से दस की केवल दो शिफ्ट है। कारोबार भी एक चौथाई रह गया है। इससे खर्चे पूरे करना भी मुश्किल है।
फैजान कुरैशी, अजंता बैंड
पाबंदियों के कारण बड़े कार्यक्रम रद्द हो रहे हैं। छोटे स्तर के कार्यक्रम मिल रहे हैं। इस महीने मात्र चार बुकिंग हैं। जनवरी व फरवरी की कुछ बुकिंग हैं, लेकिन नियमों के चलते इनसे भी ज्यादा उम्मीद नहीं है। कारोबार भी 25 फीसदी ही रह गया है।
संदीप गुप्ता, संजीव एंड पार्टी डीजे
जब बाजार में सामाजिक दूरी
नहीं तो शादियों में ये पाबंदी क्यों..?
आगामी 25 से 30 नवंबर के बीच जिन घरों में शादी समारोह है। उनके समाने पहले से बुलाए जा चुके मेहमानों को मना करने की बड़ी चुनौती है। जिसको मना करेंगे वही बुरा मानेगा और आगे संबंध प्रभावित होंगे। ऐसे में घरों में इसका अलग अलग उपाय किया जा रहा है। मेहमानों को एक दिन आगे पीछे आने को कहा जा रहा है। वहीं कुछ लोग अभी तक कुछ तय नहीं कर पाए हैं।
भाई की शादी नौ दिसंबर को है। 200 आदमियों की पहले ही अनुमति ले ली थी, कार्ड भी बंट चुके हैं। अब नई बंदिशों के बाद मुश्किल खड़ी हो गई है। किसे बुलाएं और किसे मना कर दें, यह सवाल हम सभी परिजनों को बुरी तरह सता रहा है। कोई रास्ता नहीं निकल रहा है। सोचा है कि एक दिन आगे पीछे कर रिश्तेदारों को बुलाएंगे।
अशोक चौधरी, गांव फजलपुर अतरौली
शहर से देहात तक बाजारों में हजारों की भीड़ हो रही है, तो शादियों पर ही क्यों नियम शर्त लागू हो रही है। जहां हजारों लोग बिना सोशल डिस्टेंसिंग के घूम रहे हैं। वहां कोई पाबंदी क्यों नहीं है। हमने शादी में तमाम नाते रिश्तेदारों को न्यौता दिया था, अब उन्हें कैसे मना करें, यह समझ नहीं आ रहा है।
कल्पना, गांव फजलपुर अतरौली
शादी जिंदगी में एक ही बार होती है। मेरी शादी में कोरोना की बंदिशों का ऐसा विघ्न पड़ेगा, सोचा भी नहीं था। सभी अपने हैं, ऐसे में उन्हें मना करना भी किसी युद्घ से कम नहीं है। प्रशासन को पहले से ही ये शर्त तय कर देनी चाहिए थी। अब अचानक परिवर्तन करना जनता के साथ धोखा है।
देवेंद्र चौधरी, दूल्हा, गांव फजलपुर अतरौली
भाई की बुधवार आज क्वार्सी बाईपास स्थित जय मां सेवा सदन में शादी है। कार्ड पहले ही बंट चुके हैं। अब रिश्तेदारों की छंटनी में लगा हूं। पहले ही एक घर से दो या तीन लोगों को आने का न्यौता दिया था, अब उनमें से किसे मना करूं, यह समझ नहीं आ रहा है।
नीरज गुप्ता, निवासी किशनपुर
साड़ी-कपड़ा, ब्यूटी पार्लर पर नहीं है कोई असर
सहालग के सीजन में साड़ी, कपड़े, रेडीमेड, किडस वियर, कास्मेटिक, ब्यूटी पार्लर संचालकों का कारोबार चमक रहा है। उनके धंधे में कोई ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। इन कारोबारों से जुड़े व्यापारी उत्साहित हैं। उन्हें सीजन में बेहतर कारोबार की उम्मीद है। इसी तरह से सराफा, फुटवियर, सजावट करने वालों का काम भी अभी तक ठीक है।
कोरोना का बिक्री पर असर नहीं है। बुधवार का जबर्दस्त साया है। इसके चलते ग्राहक जमकर खरीददारी कर रहे हैं। दुल्हन के लिये ब्राइडल लहंगे की सबसे ज्यादा मांग है। सिल्क की साडियां भी खूब पसंद की जा रही हैं।
संजय अग्रवाल, व्यापारी, स्वदेशी शोरूम
दिल्ली में कोरोना मामले बढ़ने और बंदिशों का असर ग्राहकों पर पड़ा है। आठ दस दिन से खरीददारी बढ़ी है। दुल्हन के लिये पांच से 50 हजार तक की रेंज का लहंगा खूब पसंद किया जा रहा है। लेकिन सिल्क व कोलकाता की डिजाइनर साड़ियां सबकी पसंद हैं। लेने देने में शिफोन, प्योर क्रेप की साड़ियां खूब पसंद की जा रही हैं।
प्रेम अरोड़ा, व्यापारी, अरोड़ा वस्त्र लोक
ब्यूटी पार्लर पर पाबंदियों और कोरोना महामारी का कोई असर नहीं है। दुल्हन एयर ब्रश या एचडी एयर ब्रश मेकअप पसंद कर रही हैं तो बरात में जाने वाली महिलाएं एवं युवतियां पार्टी मेकअप या प्री बैंडल सर्विसेज कराने आ रही हैं।
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नुपूर चौधरी, वीएलसीसी

मैरिस रोड स्थित वीएलसीसी सेंटर में मेकअप करवाती दुल्हन।- फोटो : CITY OFFICE

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