महानगर के रामघाट रोड इलाके के बाइकर्स शरद गोस्वामी-जीतू चौधरी हत्याकांड में हिरासत में लिए गए संदिग्धों की मदद से पुलिस महत्वपूर्ण कड़ियां जोड़ने में सफल हुई और बड़ा खुलासा हुआ है। कई ग्रुपों ने मिलकर शूटरों को सिलसिलेवार हत्या का ठेका दिया था, जिनमें से यह शूटर दो हत्याएं करने में सफल रहे, जबकि दो में असफल हो गए। बल्लभगढ़ से गिरफ्तार किए गए एक शूटर की मदद से यह खुलासा होने के बाद मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया, जबकि कुछ अन्य से देर रात तक पूछताछ का क्रम जारी था। इनके कब्जे से भारी मात्रा में कारतूस व हथियार भी बरामद होना बताया जा रहा है।
उम्मीद है कि पुलिस बुधवार को इस खुलासे को सार्वजनिक करेगी।
क्वार्सी थाने के बगल में 3 मार्च को शरद गोस्वामी व 31 मार्च को जीतू चौधरी की हत्याओं में पुलिस ने सर्विलांस व मुखबिरी की मदद से कुछ संदिग्ध हिरासत में लिए थे। इनकी मदद से पुलिस ने हरियाणा बल्लभगढ़ लड़ौली के रोहन उर्फ सुरेंद्र पुत्र नरेंद्र को मंगलवार को बल्लभगढ़ उसके घर से ही गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसने पूछताछ में जो खुलासे किए हैं, उन्हें सुनकर खुद पुलिस चौंक गई। फिलहाल रोहन ने शरद गोस्वामी की हत्या व 30 दिसंबर को ग्वालारा प्रधान पति व मेरठ के चर्चित कविता चौधरी हत्याकांड के आरोपी योगेश चौधरी के बिल्डर भाई मनोज चौधरी पर शताब्दी नगर स्थित उनके घर में हमला स्वीकारा है। साथ ही जीतू चौधरी की हत्या व प्रधानी चुनाव के दौरान गांव कलाई में पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड के आरोपी संजीव उर्फ रॉबी पर हमले में महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं। हालांकि रॉबी व मनोज की हत्या होनी थी। मगर निशाना सटीक न बैठने के कारण दोनों बच गए। क्वार्सी पुलिस ने रोहन को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। अब उससे पूछताछ के बाद हिरासत में लिए गए कुछ शूटरों व अन्य लोगों से पूछताछ चल रही है। एसओ क्वार्सी रविंद्र बहादुर के अनुसार रोहन को जेल भेज दिया गया है। बाकी कुछ लोगों से पूछताछ जारी है। आज बुधवार को काफी कुछ साफ कर दिया जाएगा।