मनीष मिश्रा ने बताया कि रोजाना चार-पांच घंटे पढ़ते थे। जो चीजें समझ में नहीं आती थीं, उसे पत्नी बताती थीं। अच्छी रैंक आने के चलते वह लखनऊ या अलीगढ़ में बीएड की पढ़ाई करना चाहेंगे।
उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2025 में अलीगढ़ शहर के मनीष मिश्रा को प्रदेश में नौवां स्थान मिला। इंजीनियर की नौकरी छोड़ कारोबार संभालने वाले मनीष ने पत्नी की प्रेरणा से परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। इस दौरान पत्नी शिवानी ने उन्हें पढ़ाया भी था। वह परिषदीय विद्यालय में सहायक अध्यापिका हैं।
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यह परीक्षा बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी की ओर से 1 जून को आयोजित की गई थी। शहर के गांधी नगर के कारोबारी अंजनी कुमार मिश्रा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जयदेवी मिश्रा के बेटे मनीष मिश्रा ने बताया कि टॉप 10 में आने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन पेपर अच्छा हुआ था। ईश्वर की कृपा रही कि वह टॉप टेन में आ गए।
उन्होंने बताया कि में रोजाना चार-पांच घंटे पढ़ते थे। जो चीजें समझ में नहीं आती थीं, उसे पत्नी बताती थीं। अच्छी रैंक आने के चलते वह लखनऊ या अलीगढ़ में बीएड की पढ़ाई करना चाहेंगे। पिछले वर्ष यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा में अलीगढ़ के मनोज कुमार ने प्रदेश में टॉप किया था।
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नौकरी छोड़कर पिता का कारोबार संभाला
मनीष ने वर्ष 2016 में बीटेक की डिग्री ली थी। तीन साल तक दिल्ली के एक कंपनी में बतौर मैकेनिकल इंजीनियर नौकरी की, लेकिन मन नहीं लगा तो नौकरी छोड़कर पिता के कारोबार को संभाल लिया। वर्ष 2023 में उनकी शादी शिवानी मिश्रा से हो गई। मनीष ने कहा कि पत्नी से प्रभावित होकर शिक्षण क्षेत्र में जाने का मन बनाया।