इसी गुस्से में सुनियोजित साजिश के तहत विष्णु ने पहले से झाडि़यों में छिपाकर रखी लकड़ी काटने की वसूली से अबनू के सिर में पीछे से व गर्दन में ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। इसके बाद शव को झाडि़यों में छिपाकर मोबाइल वहीं फेंक दिया। बाइक ढाई किमी आगे मई गांव के निकट नहर किनारे झाडि़यों में फेंक दी। पुलिस ने शनिवार को विष्णु को रिमांड के बाद जेल दाखिल कर दिया। इस घटना के खुलासे में सीओ राजीव द्विवेदी की अगुवाई में थाना व साइबर-सर्विलांस टीम शामिल रही। एसएसपी ने पुलिस टीम को खुलासे पर 25 हजार के इनाम की घोषणा की है।
बाइक मिलने के बाद सुलझी हत्या की गुत्थी
तीन नवंबर को गायब हुए अबनू का कंकाल 13 नवंबर को मिला था। इसके बाद से हत्या का खुलासा पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था, लेकिन कंकाल मिलने के 39 दिन बाद 22 दिसंबर को जब अबनू की बाइक मिली तो पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू की। जिस स्थान पर अबनू की बाइक मिली उस स्थान पर हत्या वाले दिन विष्णु की लोकेशन पाई गई। इसी के आधार पर जब पुलिस ने विष्णु को हिरासत लिया तो घटना का खुलासा हो गया। मामले में लापरवाही पर हंगामा होने पर एसएचओ को भी निलंबित किया गया था।