प्रसिद्ध कवि, गीतकार पद्मभूषण गोपाल दास नीरज के त्रियोदशी संस्कार के अवसर पर मैरिस रोड स्थित धर्मपुर कोर्टयार्ड में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कवियों और गीतकारों ने अपनी-अपनी रचनाओं के माध्यम से उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इससे पहले जनकपुरी स्थित आवास पर तेरहवीं की रस्म और धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं।
बुधवार को धर्मपुर कोर्टयार्ड में हुए कवि सम्मेलन में प्रसिद्ध गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना ने अपनी इन पंक्तियों के माध्यम से नीरज को श्रद्धांजलि दी कि ‘याद तुम्हारी कर कर के जब मेरे नयन सजल हो गए, मन हो गया भगीरथ जैसा, आंसू गंगाजल हो गए’। एटा से आए निर्मल सक्सेना ने कविता पढ़ी कि ‘गीत गंगा से तुम और कश्ती सा मैं बहता हूं, तुम्हीं भगवान कविता के मैं ये कहता हू’। अशोक अंजुम ने पढ़ा कि ‘चले जाओगे राहों में कहानी छोड़ जाओगे, हमें मालूम था आंखों में पानी छोड़ जाओगे’।
कुमार चंद्रहास ने कविता पढ़ी कि ‘ये एक बड़ा दरख्त गिरा है, अब दूर तक कोई साया नहीं’। ओजस्वी कवि हरीश ‘बेताब’ ने कहा कि ‘सारे जगत में गीत की पहचान है नीरज, साहित्य को इक इश्वरी वरदान है नीरज’। इसके अलावा प्रसिद्ध कवि सुरेंद्र सुकुमार, रिहाना शाहीन, डॉ. दौलत राम, अवनीश राही, श्याम सुंदर श्याम आदि कवियों ने भी अपनी रचनाएं पढ़ीं।
स्वर साधना संस्था के अध्यक्ष अनिल वर्मा ने नीरज के लिखे गीतों को गाकर अपनी श्रद्धांजलि दी। इससे पहले नीरज के जनकपुरी स्थित आवास पर उनके पुत्र मिलन प्रभात गुंजन और पौत्र पल्लव नीरज ने त्रियोदशी के धार्मिक संस्कारों की रस्में पूरी कीं।
इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल, मेरठ से सुधा प्रकाश, डॉ. सचिन कुमार, कार्तिकेय सक्सेना, सूरज निगम, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एडीएम सिटी एसबी सिंह, जिलाधिकारी की पत्नी अर्चना सिंह सेंगर, सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।