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गले में रिबन, जेब में फर्जी ID: TTE बनकर शताब्दी में करता था मुफ्त सफर, एक सवाल ने पहुंचा दिया सलाखों के पीछे

Mon, 29 Jun 2026 07:38 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

पकड़े गए आरोपी दुर्वेश कुमार के खिलाफ आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, उसे आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी गाजियाबाद के हवाले कर दिया गया है।
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शताब्दी एक्स्प्रेस में पकड़ा गया फर्जी टीटीई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रयागराज मंडल में टिकट चेकिंग स्टाफ और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मुस्तैदी के कारण एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गाड़ी संख्या 12033 कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में फर्जी टीटीई बनकर धड़ल्ले से यात्रा कर रहे एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के एटा निवासी दुर्वेश कुमार के रूप में हुई है।

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संदेह होने पर खुली पोल
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी दुर्वेश कुमार अलीगढ़ स्टेशन से शताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुआ था। ट्रेन में जब नियमित टिकट जांच का काम चल रहा था, तब उसने खुद को रेलवे का टीटीई बताकर स्टाफ को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, उसकी हरकतों को देखकर ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकिंग स्टाफ को उस पर शक हो गया।

जब स्टाफ ने उससे उसका आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) मांगा, तो उसने एक संदिग्ध आईडी कार्ड दिखाया। इसके बाद जब उससे रेलवे से जुड़े कुछ कड़े सवाल पूछे गए, तो वह सकपका गया और उसके जवाब संतोषजनक नहीं मिले।

फर्जी आईडी और रेलवे लोगो बरामद
मामला संदिग्ध लगते ही टिकट स्टाफ ने बिना देरी किए ट्रेन में एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ को इसकी सूचना दी। आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर जब युवक को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने माना कि वह रेलवे का कर्मचारी नहीं है और मुफ्त यात्रा व रौब झाड़ने के लिए फर्जी टीटीई बनता था। तलाशी के दौरान उसके पास से रेलवे का फर्जी पहचान पत्र और रेलवे के लोगो वाला नेक रिबन भी बरामद हुआ है।
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जीआरपी गाजियाबाद के सुपुर्द, यात्रियों से अपील
पकड़े गए आरोपी दुर्वेश कुमार के खिलाफ आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, उसे आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी गाजियाबाद के हवाले कर दिया गया है।

"यात्री किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें। इसकी सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल, टिकट जांच स्टाफ या 'रेल मदद' ऐप/हेल्पलाइन के माध्यम से दें, ताकि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। -अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी , प्रयागराज मंडल
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