सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों की पढ़ाई से लेकर उनके स्वास्थ्य के इंतजाम की पूरी व्यवस्था की है। मगर, जिम्मेदारों की अनदेखी से नौनिहालों को मिलने वाली सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। हालात यह है कि कहीं पर बच्चों का वजन करने वाली मशीन खराब हैं तो कहीं अन्य इंतजाम नहीं हैं। वजन मापने की मशीन सही नहीं होने से बच्चों का उम्र के हिसाब से वजन माप पाना मुश्किल हो रहा है।
ये योजनाएं हो रहीं संचालित
आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौनिहालों व गर्भवती महिलाओं के लिए मीठा-नमकीन दलिया और लड्डू बांटे जाते हैं। हर महीने तीन किलो प्रति महिला के हिसाब से पुष्टाहार देने की व्यवस्था है। केंद्र पर आने वाले नौनिहालों को पका भोजन दिया जाता है। हर माह इस पर लाखों रुपये खर्च हो रहे है।
पोषण पुनर्वास केंद्र में 8 कुपोषित बच्चे भर्ती
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के पोषण पुनर्वास केंद्र में 8 कुपोषित बच्चे भर्ती हैं। केंद्र में 10 कुपोषित बच्चों को भर्ती करने की व्यवस्था है। भर्ती कुपोषित बच्च्चे 14 दिन तक रहेंगे। उनके साथ उनकी मां के रहने की व्यवस्था भी है। केंद्र के प्रभारी प्रो. सैयद मनाजिर अली ने बताया कि 14 दिन तक के लिए भर्ती बच्चों की देखभाल की जाती है। डॉक्टरों की देखरेख और सलाह से दवाइयां और पोषक आहार दिया जाता है। शारीरिक सुधार होने के बाद उनके तीमारदारों को सावधानी बरतने की जानकारी देकर घर भेज दिया जाता है।