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रजिस्ट्रेशन करा लें, नहीं तो पहली जुलाई से बिक्री नहीं

Wed, 28 Jun 2017 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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एके जैन, वाणिज्यकर एडीशनल कमिश्नर। - फोटो : अमर उजाला
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आशीष निगम
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पहली जुलाई को जीएसटी दिवस मनाया जाएगा। वाणिज्य कर विभाग में इसकी तैयारियां जोरशोर से हो रही हैं। विजडम पब्लिक स्कूल में मुख्य समारोह होगा, जिसमें सांसद से लेकर सभी विधायक, व्यापारिक संगठन, सीए और अधिवक्ता एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल होंगे। ये आयोजन सभी जिलों में होगा। इसी सिलसिले में वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एके जैन से विशेष बातचीत के प्रमुख अंश पेश हैं।
सवाल : जीएसटी में व्यापारियों और फर्मों का पंजीकरण कराने में कहां तक सफलता मिली है..?
जवाब : वाणिज्य कर अलीगढ़ जोन में पांच जिले शामिल हैं, जिसमें अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, एटा और कासगंज जिला हैं। जोन में अब तक 41082 व्यापारियों/फर्मों का जीएसटी में रजिस्ट्रेशन हो चुका है, 7913 व्यापारियों का पंजीकरण होना बाकी है। ये वो व्यापारी और फर्म हैं जो पहले वैट में पंजीकृत थे। लगभग 84 फीसदी पंजीकरण हो चुका है।
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सवाल : पहली जुलाई से सबसे बड़ा असर क्या होगा..?
जवाब : पहले जो वस्तुएं कर मुक्त थीं और अब जीएसटी में करयुक्त हो गई हैं। ऐसे व्यापारियों को हर हाल में 30 जून तक जीएसटी में रजिस्ट्रेशन  करना है। मनोरंजन कर में आने वाले केबिल टीवी, सिनेमा हॉल को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करना होगा। कोरियर सर्विस, ट्रांसपोर्ट, ई मार्केटिंग, टैक्सटाइल और कपड़े के कारोबारियों के पास भी जीएसटी पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराने का मौका 30 जून तक है। इसके बाद वाणिज्य कर विभाग बगैर रजिस्ट्रेशन वाले व्यापारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। ऐसे कारोबारियों को आईटीसी (इनपुट क्रेडिट रिफंड) लेने में असुविधा होगी और वह पहली जुलाई से कोई भी बिक्री बिल नहीं काट पाएंगे।
सवाल: ऐसे कारोबारी कहां जाएं कहां संपर्क करें कि उनकी समस्या का समाधान हो सके..?
जवाब : जिन व्यापारियों को प्रोविजनल आईडी प्राप्त हो गई है वह 30 जून से पहले जीएसटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा लें और वैट से जीएसटी में शिफ्ट हो जाएं। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए गंभीरपुरा कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में संपर्क करें। यहां मौजूद अधिकारी उनकी मदद करेंगे। जिनको प्रोविजनल आईडी नहीं मिली है वह आवेदन करें।
सवाल : ताले पर जीएसटी का क्या असर है..?
जवाब : ताले में 18 फीसदी जीएसटी लागू है। इस पर पहले 5 फीसदी वैट और 12 फीसदी सेंट्रल एक्साइज लगता था, जो कुल मिला कर 17 फीसदी तक पड़ता था। इसलिए जीएसटी में ताले पर केवल एक फीसदी कर बढ़ा है और ये कुल 18 फीसदी हो गया है। इसको लेकर सही बात दबा कर अफवाहें फैलाई जा रही हैं।
सवाल : हार्डवेयर कारोबार पर जीएसटी का क्या असर है.. हार्डवेयर महंगा होगा या सस्ता..?
जवाब : हार्डवेयर में 14.50 फीसदी वैट और 16 फीसदी सेंट्रल एक्साइज लागू था जो कुल मिला कर 29.50 फीसदी तक पड़ता था। अब जीएसटी में दोनों कर मिला कर 28 फीसदी हो गया है। हार्डवेयर पर डेढ़ फीसदी कर कम हो जाएगा।
सवाल : रोजमर्रा की खाने पीने की चीजों पर जीएसटी से क्या असर होगा..?
जवाब : खुले में बिना पैकिंग के गेहूं, आटा, दाल, चावल, मैदा, सूजी, बेसन में कोई कर नहीं है। ये पूरी तरह से करमुक्त हैं। ब्रांडेड आटा, दाल, चावल, बेसन, सूजी, मैदा सरसाें तेल, रिफाइंड, डालडा और खाद्य तेलों पर पांच फीसदी जीएसटी लागू है। नमकीन, भुजिया, दालमोठ और दूसरे नमकीन पर 12 फीसदी जीएसटी है। मिल्क फूडस, ब्रेड, फ्रोजन फल सब्जी, जीवन रक्षक दवाएं, मिट्टी की टायल्स, कोयला, साइकिल रिक्शा टायर, सोलर वॉटर उपकरण, हैंड पंप, सोलर इनर्जी उपकरण, ड्राई फिश, मिठाई पर पांच फीसदी जीएसटी है।
सवाल: क्या विभाग की ओर से व्यापारियों के लिए कोई हेल्प डेस्क बनाई गई है। अगर है तो इसका नंबर क्या है..?
जवाब : वाणिज्य कर विभाग के गंभीरपुरा कार्यालय में जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर अन्य जानकारी और मदद के लिए एक हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। जिसका नंबर 7235002225 से लेकर 26, 27, 28, 29, 30, 31, 32, 33, 34 और 35 तक है। सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक इन नंबरों पर फोन किया जा सकता है। आरएस विद्यार्थी जीएसटी लागू करने के नोडल अफसर हैं।

1-सालाना 20 लाख रुपये तक का टर्नओवर करने वाले व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण कराना जरूरी नहीं है। इससे पहले वैट में पांच लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को पंजीकरण नहीं कराने की छूट थी।
2-75 लाख रुपये सालाना कारोबार वाले व्यापारियों को जीएसटी समाधान योजना का लाभ मिलेगा। जिसमें ट्रेडर्स से एक, उत्पादन करने वालों से दो और रेस्टोरेंट वालों से पांच फीसदी तक समाधान शुल्क वसूला जाएगा।
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3-मनोरंजन कर विभाग को समाप्त कर इसके कर्मचारियों को वाणिज्य कर विभाग में समाहित किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर से कार्रवाई शुरू हो रही है।
4-पेट्रोलियम उत्पाद, आबकारी, रियल एस्टेट और बिजली में जीएसटी को लागू नहीं किया गया है, लेकिन इनके कर की मानीटरिंग पूर्ववत वाणिज्य कर विभाग द्वारा ही की जाएगी।

जिला    जीएसटी में पंजीकृत     पंजीकृत नहीं
अलीगढ़    17122    3423
एटा    4175    940
कासगंज    3413    460
मथुरा    11364    1879
हाथरस    5008    1211
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योग    41082    7913

 
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