शहर के दोदपुर इलाके के ओहद रेजीडेंसी अपार्टमेंट में शिक्षक के बेटे द्वारा वाल्मीकि समाज से संबंध रखने वाली नौकरानी की हत्या के दूसरे दिन बुधवार को सिविल लाइंस थाने पर दिनभर हंगामा हुआ। सुबह होते ही समाज विशेष के लोग और महिला के परिवार वाले थाने पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। थाने के बाहर जाम भी लगाया। इस दौरान थाने पर पत्थर फेंके गए। प्रदर्शनकारी देहली गेट के गौरव व दादरी के अखलाक के परिवार के बराबर मुआवजेे की मांग कर रहे थे। मौके पर शाम को डीएम के पहुंचने और प्रदर्शनकारियों की मांगें शासन के समक्ष रखने के आश्वासन के बाद वे सड़क और थाने से हटे। प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर टायर भी जलाया।
चार बच्चों की मां की हत्या के दूसरे दिन सुबह नौ बजे लोग थाने के बाहर जुटने लगे। करीब दस बजे जब वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए तो उन्हाेंने थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क पर जाम भी लगाया गया। वे मुआवजे के साथ अपनी सुरक्षा के इंतजाम की भी मांग कर रहे थे।
उन्हाेंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश भर की मुस्लिम बस्तियों की सफाई रोक दी जाएगी। नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी, वाल्मीकि नेता राजीव भारती के नेतृत्व में थाने के बाहर लोगों ने धरना दिया। इस बीच सड़क के दोनों ओर बिजली के पोल व बल्लियां आदि लगाकर सड़क अवरूद्घ कर दिया गया। जाम की खबर मिलने पर वहां सपा महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, बिल्लू चौहान, प्रशांत वाल्मीकि, एडीएम सिटी, एसपी सिटी आ गए।
उन्हें प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया गया, पर उनकी एक नहीं चली। इस दौरान वे पुलिस-प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते रहे। यही नहीं, उधर से निकलने वाले वाहनों को रोककर उसके चालकों से हाथापाईं भी की गई।
दूसरी तरफ इसको लेकर कुछ नेताओं से थाने में वार्ता हुई, जिसमें अधिकारियों व सपा महानगर अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि वे इसपर शासन से बात करेंगे। इसके बाद भी थाने के अंदर व बाहर कई दौर की वार्ता चली। जिसमें मेयर शकुंतला भारती, भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, संजीव राजा, अनिल पाराशर, राजीव अग्रवाल, मानव महाजन, संदीप चाणक्य आदि शामिल हुए। फिर भी बात नहीं बनी। इसके बाद भाजपाई भी आम लोगों के साथ धरने में शामिल हो गए।
दोपहर करीब 1 बजे डीएम को बुलाने की मांग शुरू हुई। जिसपर अधिकारियों ने उनके प्रतिनिधिमंडल के कलेक्ट्रेट चलने का प्रस्ताव रखा, पर नामंजूर कर दिया गया। वे डीएम को मौके पर बुलाने की जिद कर रहे थे। करीब साढ़े चार बजे डीएम व एसएसपी मौके पर पहुंचे तथा 3.75 लाख रुपया मुआवजा देने की घोषणा की। उन्हाेंने उनकी शेष मांगों को लेकर शासन से वार्ता करने का भरोसा दिलाया।
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-गंभीर घटना हुई है। इसे लेकर लोगों में गुस्सा है। उनकी मुआवजे की स्थानीय स्तर से पूरी होने वाली मांग पूरी कर दी गई है। शेष मांगों पर शासन से वार्ता की जाएगी। मृतक के परिवार व समाज की हर संभव मदद की जाएगी।
-डॉ.बलकार सिंह जिलाधिकारी