जिले की राजनीति के पितामह, मूल्यों व सादगी की राजनीति करने वाले पहले जिला पंचायत अध्यक्ष महिपाल सिंह का बृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। उनके निधन से जिले की राजनीति में चौधरी चरण सिंह के समकालीन राजनीतिज्ञों के एक युग का अंत हो गया है।
जनता दल और लोकदल की राजनीति करने वाले महिपाल सिंह के सभी दलों से अच्छे संबंध थे। उनके निधन पर बरौली विधानसभा क्षेत्र से विधायक ठाकुर दलबीर सिंह सहित अन्य राजनेताओं ने शोक जताया है। ठाकुर दलबीर सिंह उस समय चंडौस के ब्लॉक प्रमुख हुआ करते थे, जिस वक्त महिपाल सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष थे।
महिपाल सिंह जिले की राजनीति में चौधरी चरण सिंह, राजेंद्र सिंह, सिकंदराराऊ के विधायक रहे सुरेश प्रताप गांधी के बहुत करीबी माने जाते थे। 1986 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद भी वह पैदल ही चला करते थे। उन्होंने कभी किसी सरकारी वाहन का प्रयोग नहीं किया। वह पुलिस कंट्रोल रूम के सामने जिला पंचायत के आवास में रहा करते थे।
कांग्रेसी नेता विनोद पांडे कहते हैं कि व्यवहार में बेहद सहज और सरल महिपाल सिंह युवा राजनेताओं को भी प्रोत्साहित करते थे। बुजुर्ग कांग्रेसी नेता राजेंद्र मेहरा कहते हैं कि नेहरू गांधी युग की तरह सादगी और मूल्यों की राजनीति करने वाले महिपाल सिंह जैसे नेता आज राजनीति में देखने को नहीं मिलते हैं।