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अलीगढ़: अल्लाह और ओम की तुलना पर भड़के श्री गिलहराज मंदिर के महंत

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महंत योगी कौशल नाथ।  - फोटो : संवाद
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मौलाना अरशद के बयान पर आपत्ति जताने वालों का सिलसिला थम नहीं रहा है। मौलाना अरशद द्वारा अल्लाह और ओम की तुलना पर श्री गिलहराज मंदिर के महंत योगी कौशलनाथ भड़क गए हैं। वहीं, मुफ्ती जाहिद अली ने कहा कि वसूली तौर पर यह बयान सही है।
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महंत, श्री गिलहराज मंदिर, अचल ताल योगी कौशलनाथ ने कहा कि मौलाना अरशद मदनी के बयान से सहमत हूं। किसी के ईश्वर से दूसरे के ईश्वर की तुलना नहीं की जा सकती। ओम की ध्वनि ब्रह्मांड से है, जबकि अल्लाह की पहचान 1500 साल पुरानी है। सवाल उठता है कि मौलाना को तुलना करने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने केवल विवाद के लिए ऐसा बयान दिया है।
सुन्नी थियोलॉजी विभाग, एएमयू के पूर्व विभागाध्यक्ष मुफ्ती जाहिद अली खान ने कहा कि मौलाना अरशद मदनी ने अल्लाह और ओम एक ही हैं का बयान दिया है। वसूली तौर पर यह सही है, लेकिन उन्होंने ऐसा बयान किस संदर्भ में दिया है, उस बारे में मैं नहीं कह सकता। आर्य समाज के लोगाें की राय में ईश्वर एक ही है। मेरे बचपन में हिंदू के लोग उर्दू में ओम लिखते थे, जबकि मुस्लिम उर्दू में अल्लाह लिखते थे।
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भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश कुमार जैन ने कहा कि मौलाना अरशद मदनी के बयान से मैं बिल्कुल सहमत नहीं हूं। यह उनकी दिमाग की उपज है। ओम और अल्लाह एक कैसे हो जाएंगे? दोनों अलग-अलग हैं। अल्लाह की पहचान अलग है, जबकि ओम की पहचान अलग है। मुनियाें की पहचान भी अलग है। सबकी अपनी शक्तियां हैं। मौलाना को सोच-समझकर बयान जारी करना चाहिए।
गीतकार जॉनी फॉस्टर ने कहा कि मजहबी रहनुमाओं को बिला वजह के बहस मुबाहिसे से दूर रहना चाहिए। मज़हबी जलसों के जरिये मोहब्बत और इंसानियत के पैगाम को ही फैलाना चाहिए। हर बात में विवाद पैदा करने से बचना चाहिए। आम आदमी ईश्वर, भगवान, ओम, खुदा, अल्लाह, गॉड को केवल अच्छाई और पवित्रता के रूप में देखता है।
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