पिछले दिनों अलीगढ़ एवं सोमना रेलवे स्टेशन के बीच नीलांचल एक्सप्रेस में हुए हादसे में एक यात्री की गले में लोहे की रोड जा घुसने से हुई मौत की घटना के बाद भी रेलवे अफसर उस घटना से सबक नहीं ले रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को दिल्ली से सिक्किम जा रही महानंदा एक्सप्रेस से हाथरस जंक्शन एवं दरियापुर रेलवे क्रासिंग के मध्य एक ड्रिल मशीन से जा टकरायी। गनीमत रही कि इससे गंभीर हादसा होने से टल गया।
घटना के बाद ट्रेन काफी देर तक खड़ी रही। बाद में जांच-पड़ताल के बाद ही उसे गंतव्य को रवाना कर दिया गया। रेलवे ने इस प्रकरण में संयुक्त कमेटी गठित करते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। महानंदा एक्सप्रेस सुबह करीब सवा नौ बजे दरियापुर रेलवे क्रासिंग के पास से गुजर रही थी। यहां एसएनटी विभाग एवं दूरसंचार विभाग द्वारा ड्रिल मशीन के जरिए रेलवे ट्रैक के नीचे से केबिल डाले जाने का काम किया जा रहा है। मंगलवार को भी यह काम जारी था।
जैसे ही ट्रेन यहां पहुंची तभी ड्रिल मशीन पर काम कर रहे कर्मचारी ट्रेन का आता देख उसे ट्रैक के पास ही छोड़कर चले गए। तभी तक ट्रेन वहां आ पहुंची और ड्रिल मशीन से जा टकरायी। गनीमत रही कि ड्रिल मशीन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। इस पर पायलट दल ने कंट्रोलर को सूचना देने के साथ उसे होम सिंग्नल के पास रोक दिया। रेलवे अफसर एवं कर्मचारी मौके पर आ गए।
ट्रेन के इंजन में फंसे मशीन के मलबे को बाहर निकालने एवं पूरी जांच-पड़ताल होने के बाद ट्रेन को करीब 20 मिनट बाद गंतव्य को रवाना कर दिया गया। इस प्रकरण में प्रथमदृष्टया एसएनटी विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि प्रकरण में संयुक्त कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए गए हैं। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने एवं लापरवाही साबित होने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।