अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र, शोले फिल्म के डॉयलाग राइटर व गीतकार जावेद अख्तर के उस बयान का विरोध शुरू हो गया है, जिसमें उन्होंने लाउड स्पीकर से अजान बंद होने की वकालत की है। वहीं, एएमयू बिरादरी ने उनके बयान को खारिज करते हुए उनका निजी बयान बताया है।
एएमयू के सुन्नी थियोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन प्रो. सलीम ने कहा कि उन्होंने जावेद अख्तर का बयान न पढ़ा और न ही सुना है। फिर भी अगर जावेद अख्तर ने इस तरह का बयान दिया है तो उनका यह अपना विचार है, लेकिन शरई एतबार से यह कह सकता हूं कि लाउड स्पीकर के फ्रीक्वेंसी की जितनी जरूरत हो, उतना ही इस्तेमाल की जानी चाहिए।
हमें दूसरों का भी ख्याल रखना चाहिए। सहरी में भी लाउड स्पीकर का इस्तेमाल न के बराबर होना चाहिए। इस्लाम धर्म के जानकार हाफिज व आलिम चौधरी इफराहीम हुसैन ने कहा कि जावेद अख्तर का बयान गलत है। पूरी दुनिया में लाउड स्पीकर से अजान हो रही है। अजान में अल्लाह का नाम है।