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अलीगढ़: पेड़ पर चढ़ तोड़ रहा था पत्तियां, 11 हजार की लाइन से छूआ, बकरी का पेट भरने में गंवा दी जान

Sun, 18 Oct 2026 06:00 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मृतक का पिता चांद खां कपड़े सिलाई का काम करते हैं। उनके ससुर-साले चंडीगढ़ में रहते हैं। करीब दस दिन पहले चंडीगढ़ से रावण का पुतला बनाने में मदद के लिए ससुर-साले के बुलावे पर चांद खां चंडीगढ़ गए थे। हादसे की खबर पाकर वह गांव के लिए चल दिए हैं।
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मृतक शुबान - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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बकरी का पेट भरने के लिए इगलास में गांव के बाहर शहतूत के पेड़ पर चढ़कर पत्तियां तोड़ रहे शुबान (16) पुत्र चांद खां का हाथ डाली और पत्तियों के बीच निकली 11 हजार केवी की लाइन में छू गया। करंट की चपेट में आने से किशोर सहित पेड़ में आग लग गई। चंद पलों में उसका शरीर जलकर नीचे गिर पड़ा। हादसा जवार गांव में शनिवार की सुबह करीब नौ बजे हुआ।

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ग्रामीणों के अनुसार गांव के बाहर करीब 200 मीटर दूर तेज धमाके के साथ शहतूत के पेड़ में आग लगने पर वह दौड़ पड़े। जब तक पास पहुंचे, शुबान का जला शव जमीन पर पड़ा था। ग्रामीणों से खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते हुए मौके पर पहुंचे। जवार गांव से नगला गोपी के मार्ग पर शहतूत के पेड़ पर चढ़कर शुबान बकरियों के लिए पत्ते तोड़ रहा था। ग्रामीणों ने सूचना दी तो इगलास कोतवाली पुलिस पहुंच गई।

कोतवाली पुलिस के अनुसार किशोर दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई 10 वर्ष का है। चार बहनें हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विद्युत विभाग में हाईटेंशन लाइन नीचे होने की शिकायत की गई, लेकिन अधिकारियों ने तारों को ऊंचा नहीं कराया। विभागीय लापरवाही के चलते हादसा हो गया। ग्रामीणों के अनुसार किशोर के साथ ही शहतूत का पेड़ भी आग लगने से जला है।

करंट से किशोर की मौत की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में अभी परिजन की ओर से तहरीर नहीं मिली है। -ईश्वर सिंह तोमर, थाना प्रभारी, इगलास।

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रावण का पुतला बनाने चंडीगढ़ गया था पिता
कोतवाली पुलिस के अनुसार परिजन से जानकारी मिली कि मृतक का पिता चांद खां कपड़े सिलाई का काम करते हैं। उनके ससुर-साले चंडीगढ़ में रहते हैं। करीब दस दिन पहले चंडीगढ़ से रावण का पुतला बनाने में मदद के लिए ससुर-साले के बुलावे पर चांद खां चंडीगढ़ गए थे। हादसे की खबर पाकर वह गांव के लिए चल दिए हैं। देर रात तक उनके गांव पहुंचने की बात कही जा रही है।

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