कोतवाली पुलिस ने कस्बा से बीस दिन से चालक सहित लापता गाड़ी की घटना का खुलासा कर दिया। दो युवक पहले चालक को अपहृत कर ले गए बाद में उसकी हत्या कर गाड़ी लूट ली और शव नहर में फेंक दिया। गाड़ी को कबाड़ी बाजार में कटवाने की योजना थी। लेकिन पुलिस दबाव के चलते वे गाड़ी बेचने में विफल रहे। बाद में मेरठ पुलिस ने गाड़ी को लावारिस हालत में बरामद कर लिया। लेकिन चालक का शव अभी नहीं मिल पाया है। दो दिन से सत्ताधारी विधायक के कुछ करीबी आरोपी को छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इंस्पेक्टर राजवीर सिंह ने उनकी एक न सुनी।
सीओ ओ पी सिंह के मुताबिक पकड़े गए नाजिम पुत्र फकरू उर्फ फकरूद्दीन और अकील पुत्र शमी निवासी कंदोला थाना जारचा गौतमबुद्ध नगर ने बताया कि नाजिम खैर में एक ट्रक पर हेल्पर का काम करता था। वह 14 मई को खैर से कस्बा निवासी चालक सौरभ पुत्र गोपाल को बोलरो गाड़ी 1800 रुपये भाड़े पर कर अपने गांव कलाेंदा ले गया था। रात्रि में चालक नाजिम के साथ कलोंदा में ही रुका।
वहां से 15 मई की सुबह नाजिम और उसका साथी अकील उसे सिकंदराबाद ले गए। रास्ते में गेसूपुर के निकट दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर शव नहर में फेंक दिया। गाड़ी लूट कर कटवाने के लिए मेरठ ले गए। वहां सोतीगंज में एक कबाड़ी के यहां बात करने पहुंचे तो उसने पुलिस बुलाने की बात कही।
जिससे भयभीत होकर गाड़ी छोड़कर वहां से भाग निकले थे। जिन्हें बाद में पुलिस ने दबोच लिया। बकौल सीओ अमानत खयानत में दर्ज मामला अपहरण लूट आदि धाराओं में तरमीम कर लिया है। जिसमें दोनों को शुक्रवार को जेल भेजेंगे। एसपीआरए संसार सिंह ने मामले का खुलासा करने पर पुलिस इंस्पेक्टर राजवीर सिंह, एसएसआई डी बी सिंह, चौकी इंचार्ज सुखदेव सहित सिपाहियों को पुरस्कार किए जाने की बात कही है।