डॉ. अनिल चौधरी
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वर्ष 2009 में हाथरस संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीतने वाले रालोद को करारा झटका लगा है। पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी और पूर्व विधायक त्रिलोकीराम दिवाकर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। त्रिलोकीराम दिवाकर को कांग्रेस ने हाथरस का टिकट भी दे दिया है। वहीं, रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रहे डॉ. अनिल चौधरी के बारे में यह चर्चा है कि उन्हें कांग्रेस मथुरा संसदीय सीट से टिकट दे सकती है। पूरे दिन इन दोनों नेताओं को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं रहीं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 में जब नया परिसीमन हुआ तो इस क्षेत्र में रालोद की स्थिति काफी मजबूत हुई। वर्ष 2009 में भाजपा ने अपनी विनिंग सीट अपने तत्कालीन सहयोगी रालोद के लिए छोड़ दी थी। इसका सुखद परिणाम भी सामने आया था। रालोद की तत्कालीन प्रत्याशी सारिका सिंह ने चुनाव जीता था और वह सांसद बनी थीं। अब रालोद के कई नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ दिया है। करीब एक सप्ताह पहले रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय उनका कहना था कि रालोद मथुरा से ऐसे व्यक्ति को प्रत्याशी बना रहा है, जो कार्यकर्ताओं की पसंद नहीं है। अब डॉ. अनिल चौधरी ने शुक्रवार की देर शाम दिल्ली में प्रियंका गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेशाध्यक्ष राजबब्बर की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। डॉ. चौधरी सादाबाद से पूर्व विधायक रह चुके हैं। इधर, शुक्रवार को ही इगलास के पूर्व विधायक त्रिलोकीराम दिवाकर ने भी शुक्रवार को रालोद से इस्तीफा दे दिया था और कांग्रेस में शामिल हो गए थे। पार्टी ने उन्हें हाथरस संसदीय सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया है। वहीं डॉ. अनिल चौधरी को लेकर यह चर्चा है कि कांग्रेस उन्हें मथुरा से टिकट दे सकती है।
बिना शर्त शामिल हुआ हूं कांग्रेस में: अनिल
कांग्रेस में शामिल होने के बाद डॉ. अनिल चौधरी ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए सभी गांधीवादी विचारधारा के लोगों और चौ. चरण सिंह के अनुयायियों को इस चुनाव में कांग्रेस के हाथ मजबूत करने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह बिना किसी शर्त के कांग्रेस में शामिल हुए है। किसी भी सीट से कोई दावेदारी नहीं की। पार्टी यदि कहीं से चुनाव लड़ाना चाहेगी तो पार्टी के आदेश का पालन करेंगे।