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अलीगढ़ नगर निगम: मुख्य नगर लेखा परीक्षक कार्यालय पर लगवाया ताला, नेम प्लेट भी हटाया

Wed, 23 Jul 2025 11:07 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने खुद को नगर निगम प्रशासन से अलग बताते हुए महापौर और नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव व निदेशक को पत्र भेजा है।
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नगर निगम में मुख्य नगर लेखा परीक्षक के ऑफिस पर लगा ताला गेट पर मौजूद अधिकारी - फोटो : स्वयं
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विस्तार
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अलीगढ़ नगर निगम में मुख्य नगर लेखा परीक्षक (एमएनएलपी) कार्यालय पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने ताला लगवा कर नेम प्लेट भी हटवा दिया। यह कार्यालय जीएम जलकल को एलाट कर दिया। नगर आयुक्त ने लेखा परीक्षक को नोटिस थमाते हुए शासन को पत्र भेज दिया है।

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दूसरी ओर मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने खुद को नगर निगम प्रशासन से अलग बताते हुए महापौर और नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव व निदेशक को पत्र भेजा है। नगर निगम में तैनात मुख्य लेखा परीक्षक जंग बहादुर यादव का स्थानांतरण मुरादाबाद और गोरखपुर से कर्म विक्रम श्रीवास्तव का स्थानांतरण अलीगढ़ नगर निगम में हुआ था। 20 जून को मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने महापौर कार्यालय में ज्वाइन कर लिया था। वह नगर आयुक्त से मिले।

नगर आयुक्त ने कार्यालय में योगदान आख्या प्रस्तुत न करने और बिना सूचना के अवकाश पर जाने पर नाराजगी जाहिर। इस पर लेखा परीक्षक ने नियमों व धाराओं का हवाला देते हुए खुद के पद को बोर्ड की कार्यकारिणी के प्रति उत्तरदायी बताया। इसके बाद वह तीसरे तल पर बने मुख्य लेखा परीक्षक कार्यालय में बैठकर कार्य करने लगे। 30 जून को नगर आयुक्त ने शोकाज नोटिस जारी किया। इस नोटिस के बाद दोनों अधिकारियों में लकीर खींच गई। दो जुलाई को मुख्य लेखा परीक्षक ने चार बिंदुओं पर ढाई पेज में जवाब लिख कर नगर आयुक्त को भेज दिया। इसमें उन्होंने नगर आयुक्त से ही कारण बताओ नोटिस व वेतन भुगतान रोके जाने की धारा व नियम की जानकारी मांगी। महापौर और शासन को भी इस पूरे घटना क्रम की जानकारी पत्र भेज कर दे दी।

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यह पत्र मिलते ही नगर आयुक्त की भौहें चढ़ गई। उन्होंने तत्काल मुख्य नगर लेखा परीक्षक के कार्यालय में ताला लगवा दिया। पिछले तीन दिनों से उन्हें कार्यालय और बैठने की जगह नहीं दी गई। जिसके कारण वे इधर-उधर बैठकर काम करने को मजबूर हैं। इस विवाद ने नगर निगम में प्रशासनिक तनाव को बढ़ा दिया है। पार्षदों और कर्मचारियों के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज है।

नगर निगम के सभी आय और व्यय की ऑडिट करना मुख्य नगर लेखा परीक्षक का कार्य है। यह पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए महत्वपूर्ण है। लेखा परीक्षक ने बताया कि कार्यालय न मिलने के कारण वे अन्य स्थानों पर बैठकर काम कर रहे हैं, जिससे कार्य में बाधा आ रही है।
नगर निगम प्रशासन से अलग मुख्य लेखा परीक्षक का पद है। यह पद नगर निगम बोर्ड की कार्यकारिणी के प्रति उत्तरदायी है। नियमानुसार 22 जून को महापौर कार्यालय पहुंच कर योगदान आख्या प्रस्तुत किया जा चुका है। नगर आयुक्त द्वारा अनावश्यक तौर पर नियमों की अवहेलना करते हुए कार्रवाई की जा रही है।- कर्म विक्रम श्रीवास्तव, मुख्य नगर लेखा परीक्षक, नगर निगम
मुख्य नगर लेखा परीक्षक का मामला संज्ञान में है। दोनों अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। नियमानुसार जो भी कार्यवाही होगी, की जाएगी। आपस के तनाव को सुलझा कर निगम विकास के पथ पर चलेगा। - प्रशांत सिंघल, महापौर
मुख्य नगर लेखा परीक्षक ने योगदान आख्या प्रस्तुत नहीं की। 30 जून को वह कार्यालय में मौजूद नहीं थे। वह निविदा समिति के सदस्य भी नामित हैं। न आने से निविदा संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे थे। दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही करने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर शासन को भी पत्र भेज दिया गया है। - प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
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