रक्षा बजट में 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी का लाभ अलीगढ़ को भी मिलेगा। जानकारों का मानना कि यहां के डिफेंस कोरिडोर में प्रत्यक्ष - अप्रत्यक्ष निवेश और उत्पादन के रूप में मिलेगा फायदा। अलीगढ़ के मौजूदा डिफेंस कोरिडोर के साथ ही विस्तार नोड को भी गति मिलेगी। रक्षा बजट में प्रावधान किया गया है कि हथियार खरीद और आधुनिकीकरण पर पिछले साल के 1.80 लाख करोड़ के मुकाबले इस वर्ष 2.19 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां जो रक्षा उत्पाद बनते हैं, उनमें अधिकांश पार्टस हैं, जैसे बोफोर्स तोप के पार्ट, स्पेश में जाने वाले सेटेलाइट में लगने वाला इग्नेटर, प्लेन के उड़ते समय निकलने वाले रंग बिरंगे धुएं छोड़ने वाला उपकरण आदि यहां बनते हैं। आने वाले समय में यहां बुलेटप्रूफ जैकेट, ड्रोन आदि बनाने की तैयारी है।
ये तथ्य जानें
- 5 हजार पंजीकृत इकाइयां औद्योगिक क्षेत्र में दर्ज
- 25 हजार पंजीकृत एमएसएमई उद्योग विभाग में
- 15 हजार से अधिक अपंजीकृत इकाइयां शहर में
- 5 लाख करीब लोग प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े
- 5000 करोड़ से अधिक का सालाना कारोबार यहां
- देश-दुनिया में जाता यहां से ताला-हार्डवेयर बनकर
डिफेंस कॉरिडोर एक नजर में
- 24 इकाइयां संचालित होंगी अंडला नोड में
- 5 इकाइयों में अब तक वहां उत्पादन शुरू
- 3 इकाइयों में जल्द उत्पादन शुरू होने
- 40 प्लाट जीटी रोड नोड में होंगे आवंटित
केंद्रीय बजट 2026 अलीगढ़ जिले के 3.80 लाख किसानों के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। बजट में खेती को आधुनिक बनाने के लिए तकनीक आधारित वैज्ञानिक सलाह और उच्च-मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है। सिंचाई लागत कम करने के लिए सौर ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के विस्तार हेतु कोल्ड स्टोरेज व गोडाउन निर्माण के लिए विशेष केंद्रीय फंड मिलेगा। यह बजट अलीगढ़ के किसानों को परंपरागत खेती से निकालकर लाभ की ओर ले जाने वाला साबित होगा।
बजट में किसानों को फसलों एवं उपकरणों के लिए कर्ज देने का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की स्थिति सुधरेगी। - पवन कुमार, रायपुर
मोटे अनाज की पैदावार को लेकर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। इससे किसान पारंपरिक खेती की ओर अग्रसर हो सकेंगे। - उमेश कुमार सिंह, सुमेरपुर
किसानों की स्थिति में सुधार करने के लिए ऋण देने का ऐलान किया गया है। खाद, बीज एवं कृषि उपकरणों पर छूट की भी घोषणा होनी चाहिए थी। - प्रेमपाल सिंह, पला सल्लू नगलिया
बजट में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। कृषि यंत्रों से जीएसटी हटाई जानी चाहिए। किसान आयोग का गठन किया जाए। किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाना सराहनीय है। - कृष्णा ठाकुर, किसान नेता
किसान कर्ज माफी की आस लगाए बैठे थे। सरकार ने किसानों को निराश किया है। एमएसपी गारंटी कानून भी लागू करना चाहिए था। - ठाकुर धर्मेंद्र सिंह, किसान नेता
वित्त मंत्री ने खेती को फायदे का सौदा बनाने की बात कही, लेकिन किसानों की आमदनी दोगुनी करने के वादे का न तो जिक्र हुआ और न ही कोई समय सीमा बताई। - डॉ. शैलेंद्रपाल सिंह, राष्ट्रीय सचिव, किसान मजदूर संगठन
बजट में किसान सम्मान निधि बढ़ने की उम्मीद थी। फसल की न्यूनतम मूल्य गारंटी योजना में भी कुछ नहीं हुआ। युवा किसानों के लिए स्टार्टअप योजना से फायदा होगा। - रवि कुमार सिंह, कन्होई