शराब के नमूने लेकर उसे जांच को प्रयोगशाला भिजवाया जा रहा है। शराब की चंडीगढ़ में ही बिक्री के लिए वैध है। उन्होंने बताया कि चंड़ीगढ़ (हरियाणा) से ट्रक को लक्की व उसके साथियों ने सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल तक के लिए बुक किया था। उन्होंने इसकी बुकिंग बिल्टी भी दिखाई। उन्होंने बताया कि लक्की व उसके साथी उन्हें मोबाइल फोन के जरिए रास्ता बताकर अपने साथ ले जा रहे थे। इस मामले में आबकारी निरीक्षक क्षेत्र संख्या दो मनोज कुमार श्रीवास्तव ने आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में ट्रक चालक छोटे राजा, क्लीनर राजा सिंह, लक्की व उसके अज्ञात साथियों को नामजद कराया है।
बिहार में शराबबंदी है। इसके चलते तस्कर हरियाणा से शराब ले जाकर वहां महंगे दामों पर बेचते हैं। हरियाणा से 800 रुपये की बोतल लाकर इसे बिहार में 5500 रुपये तक में बेचते हैं। पकडे़ गए आरोपियों से अभी पूछताछ जारी है।-सतीश चंद्र, जिला आबकारी अधिकारी
जिले में शराब तस्करों व अवैध शराब के खिलाफ पुलिस व आबकारी टीम लगातार सक्रिय हैं। इसी का परिणाम है कि लगातार ऐसे लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
शराब कांड के बाद अकराबाद बनता जा रहा शराब तस्करों का गढ़
प्रदेश भर में सुर्खियों में रहा वर्ष 2021 में घटित जहरीली शराब कांड के बाद अकराबाद क्षेत्र शराब तस्करों के लिए गढ़ बनता जा रहा है। बात अगर शराब कांड में शुरू की गई जहरीली शराब बनाने वाली फैक्टरी की करें तो वह अकराबाद में संचालित हुई। उसी में बनी शराब पीकर लोग मरे। पिछले दिनों पुलिस ने अवैध शराब फैक्टरी पकड़ी, जिसमें आधा दर्जन लोग पकड़कर जेल भेजे गए। अब तस्करी कर ले जाई जा रही शराब भी अकराबाद क्षेत्र में पकड़ी गई। इसे लेकर पुलिस व आबकारी अधिकारी भी इस क्षेत्र में विशेष सतर्क रहते हैं। बता दें कि किसी जमाने में अपने जिले में टप्पल व अतरौली क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार होता था।