चूंकि दिन में ओपीडी बंद हो गई थी। इसके बाद बिजली गई थी। शाम तक बिजली आने का इंतजार होता रहा। मगर शाम को अंधेरा होने के बाद यहां अंधेरे में ही इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक उपचार होता रहा। इन्वर्टर बैठ गए। जेनरेटर भी काम नहीं करता दिखा। इमरजेंसी में रात को दो बजे बलवीर सिंह देहली गेट से अपनी मां को पेट के दर्द की शिकायत पर लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने टार्च की रोशनी मेंं उपचार किया। इसी तरह वार्डों में भी हालात रहे। जब जेनरेटर जवाब दे गया तो मरीज व तीमारदार भी बाहर आ गए। किसी तरह उन्होंने रात पेड़ों के नीचे काटी।
ये सही है कि दो अलग अलग जगह फाल्ट होने से अस्पताल में आपूर्ति की समस्या हुई थी। मगर हमारे जेनरेटरों की मदद से आपूर्ति दी गई। अब समस्या का समाधान करा दिया गया है। आपूर्ति जारी है।-डा.जगवीर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
मेरा बेटा वार्ड में भरती है। शाम से ही बिजली परेशान कर रही थी। रात दो बजे के बाद तो पूरी तरह बंद हो गई। त़ड़के बहाल हुई है।-प्रदीप निवासी बरौला
मेरी बेटी वार्ड में भरती है। शाम से अस्पताल में बिजली समस्या रही। मध्य रात्रि को तो पूरी तरह बिजली बंद हो गई थी। तड़के शुरू हुई। हम लोग बहुत परेशान रहे।-सुबीना भुजपुरा
मेरा उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। यहां रात में बिना बिजली के समय काटना पड़ा है।-अनुज, मरीज निवासी मेहरावल
वार्ड में रात को बिजली न आने से अंधेरा छा गया। सुबह होने पर आपूर्ति बहाल हुई। कैसे रात कटी हम ही जानते हैं।-सनोज, मरीज निवासी मेहरावल