अकराबाद क्षेत्र के गांव लधौआ में वर्ष 2009 में युवक को जिंदा जलाकर मारने की घटना के आरोपी उसके ससुर व दो सालों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया गया है। यह फैसला जिला जज नवीन कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय से सुनाया गया है। आरोपियों को 25-25 हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर, एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार लधौआ निवासी भीकम पुत्र ओमप्रकाश की शादी एटा के निधौली कला क्षेत्र के गांव किशनपुर निवासी ठाकुर दास की बेटी ओमवती संग वर्ष 2003 में हुई थी। शादी के बाद से ही दंपती के बीच झगड़े होने लगे थे। घटना 3 अगस्त 2009 की है, जब ओमवती के पिता व दो भाई उसकी ससुराल आए और उनका अपने दामाद यानि भीकम से झगड़ा शुरू हो गया। आरोप है कि उसी दौरान नामजदों ने भीकम पर केरोसिन डालकर उसे आग लगा दी। परिजनों द्वारा उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी बीच आरोपी अपनी बेटी को और घर से जेवरात, नकदी व फिक्स डिपोजिट के कागजात लेकर चले गए। इसके बाद भीकम के परिवार पर यह दबाव बनाया जाने लगा कि वह मुकदमा दर्ज कर कराएं। वह घायल का इलाज कराएंगे। कई माह तक इसी झंझावत में जूझते भीकम के पिता ने 8 फरवरी 2010 को बेटे को जलाने का मुकदमा उसके ससुर ठाकुरदास, साले गया प्रसाद व रामबाबू और बहू पर दर्ज करा दिया। इसी बीच 5 मार्च 2010 को भीकम की मौत हो गई। इस बीच ओमवती की शादी मायके वालों ने दूसरी जगह कर दी। पुलिस ने मुकदमा तरमीम कर तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दे दी। अदालत में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी करार देकर उम्रकैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।