अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार, घटना 14 सितंबर 2015 की है। सासनी गेट इलाके की 14 वर्ष 10 माह 29 दिन की किशोरी को बाइक सवार मदीना कॉलोनी का अकरम उस समय ले गया, जब वह पढ़ने गई थी।
सासनी गेट इलाके से 14 वर्षीय किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के मुकदमे में दोषी युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला मिशन शक्ति अभियान के तहत एडीजे विशेष पॉक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत से सुनाया गया है। बता दें कि मुकदमे में किशोरी संग डरा धमकाकर दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई थी। इसी आधार पर फैसला सुनाया गया है।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी संजय शर्मा व लव बंसल के अनुसार, घटना 14 सितंबर 2015 की है। सासनी गेट इलाके की 14 वर्ष 10 माह 29 दिन की किशोरी को बाइक सवार मदीना कॉलोनी का अकरम उस समय ले गया, जब वह पढ़ने गई थी। पुलिस ने मुकदमे के आधार पर किशोरी की बरामदगी की और न्यायालय में बयान व मेडिकल परीक्षण कराया। इसके आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। आरोपी को जेल भेजने के बाद कोर्ट में चार्जशीट आदि की प्रक्रिया पूरी की गई। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान जेल भेजे गए अकरम को दोषी पाया गया। जिसके आधार पर अदालत ने उसे उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना राशि में से 25 हजार रुपये पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।
पॉक्सो के दो मुकदमों में जमानत अर्जी खारिज
एडीजे विशेष पॉक्सो द्वितीय शिवानी की अदालत से पॉक्सो के दो मुकदमों में आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज की गई है। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी रघुवंश शर्मा के अनुसार देहली गेट के सईम की व गांधीपार्क डोरी नगर के अनिल की जमानत अर्जी पॉक्सो के मुकदमों में खारिज की गई है।
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दहेज उत्पीड़न में दोषी पति-सास को सजा
अलीगढ़। मिशन शक्ति अभियान के तहत दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में पति व सास को अदालत ने सजा सुनाई है। यह फैसला एसीजेएम द्वितीय नरेश कुमार दिवाकर की अदालत से सुनाया गया है। अभियोजन अधिकारी प्रीती यादव के अनुसार घटना 27 जनवरी 2006 की है। सराय मियां देहली गेट की महिला शगुफ्ता ने पति मुस्तकीम व सास फिरोज निवासी कासिमनगर सासनी गेट पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे में साक्ष्यों व गवाही के दौरान दोनों को दोषी पाया गया और 3-3 वर्ष व 4-4 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
बार काउंसिल की संस्तुति पर दो अधिवक्ता बार से डिबार
दीवानी में प्रैक्टिस करने वाले दो अधिवक्ता मुकेश कुमार दीक्षित व चंद्रशेखर माहौर को दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन से तीन वर्ष के लिए डिबार किया गया है। इस विषय में जानकारी देते हुए बार महासचिव देवेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि इन दोनों पर फर्जी हस्ताक्षर कर डीड करने का आरोप लगा था। इस आरोप पर बार काउंसिल में हुई शिकायत में यह कार्रवाई की कई। बार काउंसिल स्तर से कार्रवाई किए जाने पर बार एसोसिएशन से इन दोनों को डिबार किया गया है।