गभाना क्षेत्र के बोलेरो चालक को अगवा कर उसकी हत्या कर शव नहर में दबाने और बोलेरो लूट ले जाने के चार आरोपियों को उम्रकैद से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे-9 सुनील सिंह की अदालत से सुनाया गया है। साथ में 60-60 हजार रुपया जुर्माना भी नियत किया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार, घटना के संबंध में मुकदमा 16 अगस्त 2013 को गभाना थाने में बोलेरो चालक धीरेंद्र माहेश्वरी निवासी लाखा बाजार ने दर्ज कराया, जिसमें कहा कि उसकी गाड़ी को गभाना के मढ़ौला का किशन चलाता था। वह 14 अगस्त की दोपहर मोबाइल पर यह सूचना देकर गया कि उसे टमकौली के मनोज ने भाड़े पर बुलाया है। वहां से सिकंदराराऊ भैंस लेने जाना है। इसके बाद न वह लौटा और न उसकी कोई खबर मिली। मोबाइल भी बंद हो गया। इस पर टमकौली गांव जाकर पता कि तो वहां मनोज नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। इसमें अपहरण का अंदेशा जताया गया। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और एक महीने बाद चार आरोपियों खेमपुर गभाना के मोनू व लोकेंद्र, भीमपुर के मुकेश और फिरोजाबाद फरीहा के मुकीम को लूटी गई बोलेरो सहित दबोचा। पूछताछ में उन्होंने स्वीकारा कि हमने किशन को भाड़े पर ले जाने के नाम पर उसकी हत्या कर बोलेरो लूट ली और गाड़ी मुकीम ने फिरोजाबाद में बेची। अब इसी लूटी हुई गाड़ी से दूसरी वारदात के इरादे से इलाके में घूम रहे थे। तभी दबोचे गए।
उन्होंने किशन की गला दबाकर हत्या कर शव अकराबाद में नानऊ की खारजा नहर में दबाना स्वीकारा, वहां से शव को कंकाल के रूप में बरामद किया। इसके बाद चारों को जेल भेजा गया। साथ में कंकाल से मिले कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान परिवार ने किशन के शव के रूप में की। बाद में किशन के माता पिता का कंकाल से डीएनए मिलान कराया गया, जिसकी मिलान रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को उम्रकैद व 60-60 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
- इस गंभीर अपराध में अदालत ने डीएनए रिपोर्ट को महत्वपूर्ण आधार माना है। उसी आधार पर चारों आरोपियों को उम्रकैद से ंदडित किया है।-जेपी राजपूत, एडीजीसी