नामजद भगवान सिंह को पूर्व में सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि आराम सिंह के फरार होने के कारण पत्रावली लंबित थी। जिसमें आराम सिंह ने बाद में अदालत में हाजिरी दर्ज कराई। साक्ष्यों व गवाही के आधार पर अब उसे भी उम्रकैद से दंडित किया गया है।
अलीगढ़ में पालीमुकीमपुर के गांव टोडरपुर में 23 वर्ष पहले दबंग ग्रामीणों द्वारा की गई फायरिंग में अनुसूचित बालक की हत्या के एक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इस मामले में एक दोषी को पूर्व में ही सजा सुनाई जा चुकी है। यह फैसला एडीजे विशेष एससीएसटी राकेश वशिष्ठ की अदालत से सुनाया गया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार वाकया 7 दिसंबर 2001 का है। वादी मुकदमा अनुसूचित जाति के ज्ञान सिंह के अनुसार उनकी मां सोन प्यारी व उनका बेटा छह वर्षीय मनोज गांव के एक परिवार में हुई खुशी में मिठाई वितरण के दौरान मिठाई लेने गई थीं। तभी वहां दबंग नामजद आराम सिंह व भगवान सिंह यादव आए और बोले कि कैसे भीड़ लगा रखी है। इस पर उसकी मां ने गाली देने पर विरोध किया तो उन्होंने फायरिंग कर दी। जिसमें मनोज की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि मां घायल हो गई।
इस मामले में नामजद भगवान सिंह को पूर्व में सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि आराम सिंह के फरार होने के कारण पत्रावली लंबित थी। जिसमें आराम सिंह ने बाद में अदालत में हाजिरी दर्ज कराई। तब सत्र परीक्षण शुरू हुआ और साक्ष्यों व गवाही के आधार पर अब उसे भी उम्रकैद व छह हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।