धनीपुर एयरपोर्ट पर वर्ष 2015 से काम शुरू हुआ था। करीब आठ साल तक भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण कार्य चलने के बाद काम पूरा हो चुका है। एयरपोर्ट निर्माण पर करीब 110 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। लंबे समय से प्रदेश एवं केंद्र सरकार के अलावा विमान पत्तन प्राधिकरण से इसके ग्रीन सिंग्नल मिलने का इंतजार किया जा रहा था। बीते दिनों प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने अलीगढ़ समेत प्रदेश के पांच जिलों में एयरपोर्ट संचालन की जिम्मेदारी विमानपत्तन प्राधिकरण को दी थी। इसके बाद केंद्रीय टीम यहां आकर एयरपोर्ट का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट दे चुकी है।
स्थानीय कारोबारियों को होगा लाभ
अलीगढ़ एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने से फिलहाल लखनऊ और दूसरे चरण के बाद दूसरे शहरों को जाने वाले लोगों एवं कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा। वे कुछ समय में ही बड़े शहरों का सफर तय कर सकेंगे।अभी तक हवाई यात्रा के लिए व्यापारियों को दिल्ली, आगरा, लखनऊ तक की दौड़ लगानी पड़ती है। यहां से जेवर एयरपोर्ट पर भी आसानी से आ जा सकेगा।
एयरपोर्ट की यह है स्थिति
- 2015 में धनीपुर एयरपोर्ट पर शुरू हुआ था काम
- 04 साल तक तो भूमि अधिग्रहण ही हो पाया
- 2018 में शुरू हो पाया निर्माण कार्य
- 110 करोड़ रुपये से अधिक अब तक खर्च