प्रदेश भर में स्थित शत्रु संपत्तियों से कब्जे हटवाए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इन संपत्तियों के प्रबंधन और निस्तारण के लिए सख्त रुख अपनाते हुए वर्ष 2029 की समय सीमा तय कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने इस कार्य को प्रशासनिक प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा है। अलीगढ़ समेत प्रदेश भर के 43 जिलों में स्थित 966 ऐसी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए सरकारी मशीनरी सक्रिय हो गई है।
जिले की सभी शत्रु संपत्तियों का जीआईएस तकनीक से सर्वे कराया जाएगा। जिन पर भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे उनको कब्जा मुक्त कराया जाएगा। इसकी पूरी रिपोर्ट भी शासन को भेजी जाएगी। - सौरभ भट्ट, एडीएम प्रशासन
यह हैं शत्रु संपत्तियां
शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत पाकिस्तान या चीन की नागरिकता लेने वाले लोगों की ओर से छोड़ी गईं संपत्तियां शत्रु संपत्ति मानी जाती हैं। प्रदेश सरकार के विशेष सचिव अरुण प्रकाश ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक जिला प्रशासन की ओर से सभी शत्रु संपत्तियों की भौतिक पहचान और उनके क्षेत्रफल का निर्धारण किया जाएगा। इन संपत्तियों की वर्तमान बाजार स्थिति का आकलन किया जाएगा। सरकारी निर्देश स्पष्ट हैं कि इन संपत्तियों को जल्द से जल्द कब्जा मुक्त कराया जाए ताकि इनका निस्तारण किया जा सके।