फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब गांव बरौला में देखा गया तेंदुआ

विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले सप्ताह गांव बरौली पोकर गढ़ी के बीच खेत के कंटीले तारों में फंसकर करंट से मृत तेंदुए का शोर अभी थमा नहीं था कि पास के गांव बरौला के समीप एक तेंदुए के मिलने की खबर आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह तेंदुआ हजारा नहर के पास घूमते देखा गया है। इसकी तलाश में जवां पुलिस व वन विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार देर रात तक आसपास के जंगलों में कांबिंग की। अब शुक्रवार को बाहर से एक्सपर्ट बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन किया जाएगा। ग्रामीणों को घरों में रहने व अकेले बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है।
विज्ञापन

गांव बरौली से 200 मीटर दूर हजारा नहर के पास खेतों में पिछले बृहस्पतिवार को एक नर तेंदुआ कंटीले तारों में फंस गया था। तारों में दौड़ते करंट ने संभवत: उसकी जान ले ली थी। उसकी दहशत से ग्रामीण अभी उबर भी नहीं पाए थे कि ठीक एक सप्ताह बाद बृहस्पतिवार की सांय बरौली से करीब 300 मीटर दूर बरौला गांव के पास से गुजर रही हजारा नहर के समीप एक और तेंदुआ देखा गया। इसकी खबर जंगल में आग की तरह आसपास के क्षेत्र में फैल गई। सूचना मिलने पर जवां पुलिस मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम भी आ गयी। रेंज अफसर अरविंद ने बताया कि तेंदुए की तलाश में पुलिस व वन टीम ने देर रात तक कांबिंग की है। लेकिन कुछ नहीं मिला। शुक्रवार को एक्सपर्ट बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन किया जाएगा।
ग्रामीणों में दहशत और बृहस्पतिवार का संयोग
अलीगढ़। तेंदुओं के बरौली क्षेत्र में हजारा नहर के पास मिलने की एक सप्ताह में दूसरी घटना है। इसमें बृहस्पतिवार का संयोग भी कौतूहल को बढ़ावा दे रहा है। सभी के मन में सवाल है कि बृहस्पतिवार को ही क्यों तेंदुए आ रहे हैं। हालांकि वन अफसर अभी देखे जानवर को तेंदुआ मानने को तैयार नहीं हैं। रेंज अफसर अरविंद ने कहा कि पिछले सप्ताह मिले तेंदुए के कारण ग्रामीणों में उसी का खौफ समाया है। हो सकता है कि वह लकड़बग्गा हो या सियार जैसा जानवर। यह तो शुक्रवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ही पता चल सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें