17 दिनों से चल रही लेखपालों की हड़ताल शनिवार शाम को खत्म हो गई। प्रांतीय नेतृत्व की ओर से जिले की शाखा के पदाधिकारियों को पत्र जारी किया गया। जिला महामंत्री ध्यान प्रकाश तिवारी के मुताबिक प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर हड़ताल को खत्म किया जा रहा है। सोमवार से लेखपाल पूर्व की तरह अपना कामकाज देेखेंगे। हड़ताल के कारण आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। 13948 आवेदन लटके हैं।
आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल 11 दिसंबर से आंदोलन कर रहे थे। तहसीलों से शुरू हुआ आंदोलन जिला मुख्यालय तक पहुंचा। इसके बाद फिर से लेखपाल कोल तहसील पर धरने पर बैठ गए। इसके चलते जमीनों की पैमाइश और आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों को निर्गत करने की प्रक्रिया बंद पड़ी है।
जनपद में वर्तमान में आय प्रमाण पत्र की 5229, जाति प्रमाण पत्रों की 3432, मूल निवास प्रमाण पत्रों की 5287 फाइलें लंबित पड़ी हुई हैं। साथ ही हैसियत प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो पा रहे हैं। यही हाल जमीन संबंधी विवादों में पैमाइश के हैं।
दोबारा करना होगा आवेदन
पुराने आवेदन बिना अग्रसारित किए ही लेखपाल हड़ताल पर चले गए थे। 13 हजार से अधिक आवेदन समय पूरा होने के बाद भी बन नहीं पाए। ऐसे में आवेदकों को फिर से ऑनलाइन आवेदन करना पड़ेगा। इसका असर लोगों की जेब पर भी पड़ेगा।
64 लेखपालों को किया जा चुका है निलंबित
एडीएम प्रशासन कृष्णलाल तिवारी के मुताबिक अभी तक 64 लेखपालों को निलंबित किया जा चुका है। जल्द ही इनकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। जो लेखपाल धरना छोड़ काम पर वापस नहीं आ रहे हैं। उनको तत्काल बस्ते जमा करने का आदेश जारी किया गया है।