लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर ही नहीं देहात क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में महिलाएं-छात्राएं पहुंची थीं। शिविर में 300 से अधिक ऑनलाइन पंजीकरण हुए। इसमें 150 आवेदकों को हाथों-हाथ लर्निंग लाइसेंस मिल गए।
अलीगढ़ में अमर उजाला के तालानगरी स्थित कार्यालय पर परिवहन विभाग (आरटीओ) व महिला कल्याण विभाग के सहयोग से 6 सितंबर को ड्राइविंग माय ड्रीम्स थीम पर ड्राइविंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में छात्राओं व महिलाओं ने पहुंचकर लाइसेंस बनवाए। आसानी से लर्निंग लाइसेंस पाकर आधी आबादी के चेहरे खिले नजर आए।
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लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर ही नहीं देहात क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में महिलाएं-छात्राएं पहुंची थीं। शिविर में 300 से अधिक ऑनलाइन पंजीकरण हुए। इसमें 150 आवेदकों को हाथों-हाथ लर्निंग लाइसेंस मिल गए। परिवहन विभाग की ओर से आरआई अनुराग सिंह वर्मा के नेतृत्व में राजीव शर्मा, अभिषेक कुमार आदि की टीम ने आवेदकों को लाइसेंस की प्रक्रिया को समझाया और यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया। महिला कल्याम विभाग की ओर से नीतू सारस्वत माैजूद रहीं।
लाइसेंस बनवाने की सुविधा घर के पास मिली। अमर उजाला का यह प्रयास सराहनीय है। हमें भागदौड़ नहीं करनी पड़ी। - कुमकुम राजपूत
घर के कामों के कारण समय नहीं मिलता था। स्कूटी लेकर बाहर निकलने पर लाइसेंस न होने का डर सताता था। अब यह डर खत्म हो गया है।- दिव्या वार्ष्णेय
इतने कम समय में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बन जाएगा, यह कभी सोचा नहीं था। अमर उजाला की यह पहल सराहनीय है।-अंजलि खंडेलवाल
न तो लंबी लाइनें लगीं और न ही अतिरिक्त खर्च हुआ। तय शुल्क 350 रुपये में समय पर ही लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस मिल गया। धन्यवाद अमर उजाला ।- कणिका शर्मा
डीएल बनवाने के लिए अमर उजाला ने अवसर दिया। काफी आसानी से लर्निंग लाइसेंस बन गया।- रिफा
डीएल न होने से वाहन चलाने में पुलिस की रोक-टोक होती थी। अब पूछताछ कम होगी। अमर उजाला का धन्यवाद। - लाइफा