केंद्र और प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर ही नहीं बल्कि वाहन स्वामियों के प्रति भी सहानुभूति रख रही है। इसका मकसद लापरवाह वाहन स्वामियों को कानून का पालन कराना है। यही कारण है कि परिवहन विभाग ने वाहन रजिस्ट्रेशन, एनओसी लेट जमा करने, लाइसेंस नवीनीकरण, पता परिवर्तन और फिटनेस समाप्त होने पर लगने वाला विलंब शुल्क समाप्त कर दिया है। विलंब शुल्क समाप्त होने के बाद भूलवश जिन लोगों के उक्त कार्य की आखिरी तारीख निकल गई उन्हें बड़ा फायदा होगा।
केंद्र सरकार का संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट 2019 अभी यूपी में लागू नहीं हुआ है, लेकिन सरकार वाहन स्वामियों और चालकों को अपने कागजात पूरे करने का पूरा मौका दे रही है। इसी का परिणाम है कि आरटीओ में पांच कामों पर लगने वाला विलंब शुल्क पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। पहले लाइसेंस की तिथि निकलने, वाहन का रजिस्ट्रेशन खत्म होने, एनओसी लेट जमा करने, फिटनेस खत्म होने पर इतना अधिक विलंब शुल्क लगता था कि वाहन मालिक की कमर टूट जाती थी। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने सभी विलंब शुल्क समाप्त कर दिए हैं।
यह विलंब शुल्क हुए हैं खत्म
लाइसेंस नवीनीकरण 300 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से एक वर्ष का, पंजीयन नवीनीकरण 300 रुपये प्रतिमाह बाइक और 500 रुपये प्रतिमाह निजी वाहन एक वर्ष का, एनओसी लेट जमा करने पर 300 रुपये प्रतिमाह बाइक और 500 रुपये अन्य वाहन एक साल का, पता परिवर्तन 300 रुपये प्रतिमाह बाइक 500 रुपये अन्य वाहन एक साल का, फिटनेस 50 रुपये प्रतिदिन लगने वाले विलंब शुल्क को सरकार ने खत्म कर दिया है।
आरटीओ प्रवर्तन, फरीदुद्दीन ने बताया कि लोग अपने वाहन के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस के प्रति सजग हों। साथ ही भूलवश जिन लोगों के कागजात पूरे होने में दिक्कत आ रही हैं। ऐसे लोगों की परेशानी का ध्यान में रखते हुए विलंब शुल्क खत्म किया है। लोगों को इसका फायदा उठाकर अपने वाहनों के कागजात पूरे करा लेने चाहिए।