यमुना विकास प्राधिकरण द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे का 90 गांवों से जुड़ा यह क्षेत्र अधिसूचित है। इस क्षेत्र में जमीन की खरीद बिक्री पर रोक है। जमीन अपनी जमीन पर कृषि कर सकते हैं। बावजूद इसके भूमाफिया निवेशकों को सोशल मीडिया पर व अन्य प्रचार माध्यमों से सस्ती जमीन का ऑफर देकर बुलाते हैं। उन्हें किसी भी खेत पर साइट दिखाकर प्लॉट बेच देते हैं। इसके अलावा एक ठगी का दूसरा तरीका ये भी हैं कि किसी किसान से वे दो से पांच बीघा भूमि तय कर लेते हैं। उसमें यीडा के प्रतिबंध के बावजूद तय भूमि से कई गुना अधिक प्लॉट बेचकर रकम ऐंठ लेते हैं। यह सब गोरखधंधा कपंनियों के द्वारा शनिवार व रविवार को मेला लगाकर किया जाता है। निवेशकों को यहां बुलाकर लाया जाता है।
अरबों में जाएगी ठगी की रकम
इस मामले की जांच कर रहे सीओ खैर वरुण कुमार सिंह बताते हैं कि यह गोरखधंधा पिछले पांच-छह वर्षों से चल रहा है। बैनामे खैर तहसील में होते हैं। इस क्षेत्र में हर दिन चार से पांच लोग बैनामे कराने तहसील आते हैं। एक अनुमान के रूप में अब तक दस हजार से अधिक बैनामे अधिसूचित क्षेत्र में होने का अनुमान हैं। 200 से अधिक कॉलोनियां भी काटी जा चुकी हैं। जो लोग अब तक ठगे गए हैं उनमें अधिकांश यूपी, दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार के लोग हैं। जो नजदीक हैं वे आकर यहां मुकदमे करा रहे हैं। जो सुदूर क्षेत्रों के हैं वे आ नहीं पा रहे या माफिया की धमकी के बाद डरे हुए हैं। अभी तक इस ठगी में कितनी रकम इधर से उधर हो गई ये तय नहीं हुआ है मगर जिस तरह से रजिस्ट्री हुई हैं उन पर स्टांप ड्यूटी दी गई है, उसकी जांच के बाद ठगी की रकम तय होगी। यह रकम कई अरब में जाने का अनुमान है।
डीजीपी से लिया गया इस कार्रवाई का इशारा
वर्तमान डीजीपी राजीव कृष्ण चूंकि कुछ समय पहले तक एडीजी जोन आगरा रहे हैं, इसलिए उन्हें यहां चल रहे गोरखधंधे की पूरी जानकारी रही है। जिला पुलिस ने कार्रवाई करने से पहले उन्हें पूरा विषय बताया। इसके बाद उनका इशारा मिलने पर अभियान के रूप में यह कार्रवाई शुरू की गई है। अब कार्रवाई के बाद भी उन्हें पूरा विवरण भेजा जा रहा है। भविष्य में की जाने वाली कार्रवाई से भी अवगत कराया जा रहा है।
अगले एक सप्ताह में एक कंपनी की संपत्ति भी कुर्क करने की योजना पर काम हो रहा है। दूसरी कंपनी की संपत्ति कुर्क करने के लिए अदालत में प्रक्रिया लंबित है। वहां से आदेश मिलते ही उसकी संपत्ति भी इसी तरह कुर्क की जाएगी। जेएसएम कंपनी के तीन स्वामियों के नाम की जो संपत्ति शनिवार को कुर्क की गई है वह ताजा खरीदी गई हैं। इसके अलावा उनके परिवार के सदस्यों व उनके नाम से नोएडा, दिल्ली आदि क्षेत्र में खरीदी गईं नई संपत्तियों का विवरण जुटाने के लिए भी टीम लगी हुई है। उसे भी जल्द कुर्क किया जाएगा।
बैनामों की जांच पर बुलाए जाएंगे पीड़ित
डीएम के निर्देश पर इस मामले में एडीएम प्रशासन ने चार सदस्यीय टीम को बैनामों की जांच के लिए लगाया है। यह टीम इस इलाके में पिछले पांच-छह वर्ष में हुए एक-एक बैनामे की जांच करेगी। जरूरत पर उन लोगों को बैनामों के नाम पते के आधार पर बुलाया जाएगा, जिनके साथ ठगी हुई है।
यीडा फिर चलाएगी बुलडोजर
इस कार्रवाई के बाद यीडा भी सक्रिय हो गया है। एक दो दिन में जिला पुलिस प्रशासन की टीम के सहयोग से यहां फिर से बुलडोजर चलाया जाएगा। उन कॉलोनियों व प्लॉटों की बाउंड्रीवाल गिराई जाएगी जो यीडा क्षेत्र में बना दी गई है। इस मामले में एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि पिछले पांच वर्ष से ठगी चल रही है मगर इलाका पुलिस से लेकर राजस्व टीम की आंख बंद हैं। इसे लेकर राजस्व टीम व पुलिस मिलीभगत की जांच भी होगी। कहीं कोई मिलीभगत पाई गई तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।