इन गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण
परियोजना के शुरुआती चरण में किमी 0.00 से किमी 33.380 के तहत कलक्ट्रेट को सौंपी गई सूची के अनुसार, अलीगढ़ की दो प्रमुख तहसीलों कोल और गभाना के गांव इस हाईस्पीड कॉरिडोर से सीधे प्रभावित होंगे।
- गभाना तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव- कौरह रुस्तमपुर, पला सल्लू, सांगोर, खेरिया हैवत खान, गिरधरपुर, दाऊपुर कोटा, कुलवा, सुमेरपुर, अमरौली, समस्तपुर कोटा, ओरिहा, सुमेरा दरियापुर, तेजपुर और पिलौना।
- कोल तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव- कस्तली वैस, पला माजरा कस्तली वैस, चन्दौखा, छेरत-सुढि़याल, साथा, खेरूपूरा, सपेरा भानपुर, जटपुरा, किढ़ारा, मोरथल, बरौठा, मोहनपुर, हरदुआगंज, नयावास नरेंद्र गढ़ी, आज़माबाद माछुआ, सिकंदरपुर माछुआ, इमलानी, मई, खान आलमपुर, चंगेरी, महमूदपुर जमालपुर, भोजपुर, अलहदादपुर, पनैठी, अधौन, जुलुपुर सिहोर, भगवानपुर, फरीदपुर और जवां सिकंदरपुर।
स्थानीय विकास और कनेक्टिविटी को लगेंगे पंख
इस हाईस्पीड कॉरिडोर के बन जाने से न सिर्फ अलीगढ़ और मुरादाबाद के बीच की दूरी और समय बेहद कम हो जाएगा, बल्कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक और औद्योगिक विकास के लिए जीवन रेखा साबित होगा। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होने के कारण इसके आसपास नए लॉजिस्टिक पार्क और औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की भी प्रबल संभावनाएं हैं।