छोटे आकार के लड्डूगोपाल 400 और बड़े आकार में 1500 रुपये तक में उपलब्ध हैं। इनका शृंगार पहले से ही होने के कारण यह देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं। इनको संभालने में थोड़ा अधिक ध्यान देना पड़ता है, क्याेंकि हाथ से छूटकर गिरने पर यह खंडित हो सकते हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव चार दिन बाद मनाया जाएगा। बाजार में इस बार पीतल के साथ ही स्टोन डस्ट (पत्थर) से बने लड्डू गोपाल भी आ रहे हैं। यह लड्डूगोपाल राजस्थान के जयपुर में बन रहे हैं और आगरा के थोक व्यापारियों के माध्यम से अलीगढ़ और मथुरा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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इसमें छोटे आकार के लड्डूगोपाल 400 और बड़े आकार में 1500 रुपये तक में उपलब्ध हैं। इनका शृंगार पहले से ही होने के कारण यह देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं। इनको संभालने में थोड़ा अधिक ध्यान देना पड़ता है, क्याेंकि हाथ से छूटकर गिरने पर यह खंडित हो सकते हैं। स्नान कराने में रंग फीका नहीं पड़ता है।
रामघाट रोड के पोशाक विक्रेता महेंद्र ने बताया कि इस बार यह लड्डूगोपाल भी पसंद किए जा रहे हैं। इसके साथ ही बाजार में स्टील के बने डिजाइनर झूले भी मिल रहे हैं। यह झूले वृंदावन से आ रहे हैं। इनकी चमक हर किसी को लुभा रही है। लक्ष्मीबाई मार्ग के पोशाक विक्रेता विकास ने बताया कि जन्माष्टमी में घर के मंदिर को सजाने के लिए कई तरह के उत्पाद बाजार में उपलब्ध है। लकड़ी के झूलों की भी मांग बढ़ रही है